Karnataka Election 2023: कांग्रेस जल्दी कर बैठी! 130 सीटें जीतने की रणनीति पर बीजेपी का बड़ा दावा
Karnataka chunav 2023: बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने राज्य में पार्टी की बड़ी जीत के दावे किए हैं। उनके मुताबिक कांग्रेस प्रचार में जल्दी कर बैठी, जबकि वह सही ट्रैक पर जा रहे हैं।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने कर्नाटक में पार्टी की बड़ी जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस का चुनाव अभियान समय से पहले चरम पर पहुंच गया था। जबकि, बीजेपी का चुनाव प्रचार सही समय पर ऊपर उठ रहा है।

बजरंग दल 'राष्ट्र-निर्माण वाली शक्ति'- बीएल संतोष
बीएल संतोष खुद भी कर्नाटक के ही रहने वाले हैं। उन्होंने ट्विटर स्पेस पर बजरंग दल को 'राष्ट्र-निर्माण वाली शक्ति' बताया है, उसका प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पीएफआई से तुलना करने के लिए कांग्रेस पर हमला किया है। उन्होंने पीएफआई को बीजेपी के कई कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

'हिंदू और आतंकवाद, इन्हें एकसाथ नहीं जोड़ा जा सकता'
बजरंग दल के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने के लिए बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में ही आक्रामक चुनाव प्रचार कर रही है। कांग्रेस अब इसपर बैकफुट पर दिख भी रही है। ऐसे में संतोष ने कहा है, 'हिंदू और आतंकवाद, इन्हें एकसाथ नहीं जोड़ा जा सकता। हिंदू और अतिवाद यह दोनों शब्द एकसाथ नहीं चल सकते.....उन्होंने (कांग्रेस) हमें एक मुद्दा दे दिया और हम उसे उठाते रहेंगे।'

'कांग्रेस ने सिर्फ अल्पसंख्यक वोट के लिए बजरंग दल पर कार्रवाई की बात की'
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में बजरंग दल के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा सिर्फ अल्पसंख्यक वोट हासिल करने के लिए किया। बीजेपी कांग्रेस को घेरने के लिए हनुमान जी का नाम ले रही है। संतोष ने कांग्रेस के एक नेता के हनुमान जी के नतमस्तक होने वाली सोशल मीडिया तस्वीर का भी हवाला दिया है।

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'ये लोग अपनी ही जाल में फंस रहे हैं'
उन्होंने कांग्रेस और जेडीएस पर निशाना साधते हुए कहा कि 'इस तरह से ये लोग अपनी ही जाल में फंस रहे हैं।' बीजेपी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस के लगातार हमलों की वजह से शुरुआत में 'थोड़ी बैक फुट' पर थी, लेकिन यह भी कहा कि विपक्षी दल सरकार के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी को मुद्दा बनाने में सफल नहीं हो सकी।

'हमें 120 से आगे जाना है और यदि संभव है तो 130 तक पहुंचना है'
चुनाव से पहले आए कुछ सर्वेक्षणों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि करीब एक महीने पहले बीजेपी को विश्वास था कि वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी, चाहे चुनाव पूर्व सर्वेक्षण के नतीजे कुछ भी बताए गए थे (कांग्रेस की बड़ी जीत के दावा किए गए थे)। लेकिन, उन्होंने कहा, 'पिछले 30 दिनों में और उसके बाद के 6 दिनों में हमारा मुख्य लक्ष्य यह रहा है कि हमें बहुमत के आंकड़े को पार करना है। हम इसे पार कर रहे हैं और हमें 120 से आगे जाना है और यदि संभव है तो 130 तक पहुंचना है।'

'वोटरों को देने के लिए उनके पास कुछ भी नया नहीं है'
उनका कहना है कि कांग्रेस का चुनाव अभियान पहले ही चरम पर पहुंच गया था। इसे 5-6 मई तक ऊंचाई पर होना चाहिए, लेकिन यह 24-25 अप्रैल को ही ऊंचाई पर पहुंच चुका था। उनके मुताबिक, 'वोटरों को देने के लिए उनके पास कुछ भी नया नहीं है।' वो बोले कि भ्रष्टाचार के मुद्दे तो उठा रहे हैं, लेकिन सरकार के खिलाफ शिकायत करने के लिए उनके पास कोई ठोस आधार ही नहीं है।

'हमारा अभियान सही समय पर हिट कर रहा है'
उनका दावा है कि एंटी-इंकंबेंसी पर कांग्रेस ने बहुत मेहनत कर ली, लेकिन इसे उभार नहीं पाए। उन्होंने बताया, 'हमारा अभियान सही समय पर हिट कर रहा है।' उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने चुनाव से पहले कई प्रोजेक्ट के उद्घाटन किए हैं, कई की घोषणाएं की गई हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाएं भी गिनाई हैं और दावा किया है कि जनता भाजपा की परफॉर्मेंस पर वोट करेगी, कांग्रेस की गारंटी पर नहीं। क्योंकि, उनके मुताबिक कांग्रेस जहां सत्ता में है, वहां गारंटी पूरी करने में नाकाम रही है। (स्रोत-पीटीआई)












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