Karnataka: डीके शिवकुमार ने चन्नापटना सीट से तय कर दी अपनी उम्मीदवारी, सिद्दारमैया के लिए बनेंगे चुनौती?
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने चन्नापटना विधानसभा उपचुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। इससे इस सीट का मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है। यह घोषणा उन्होंने चन्नापटना में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान की है।
शिवकुमार वर्तमान में कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उन्होंने चन्नपटना सीट खाली होने के कारण इसमें रुचि दिखाई है। यह सीट जेडी(एस) नेता एचडी कुमारस्वामी के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हुई है। चुनाव आयोग ने अभी तक इस सीट के लिए उपचुनाव के तारीख की घोषणा नहीं की है।

चन्नापटना बेंगलुरु दक्षिण जिले में आता है, जिसे पहले रामनगर के नाम से जाना जाता था। यह क्षेत्र शिवकुमार और कुमारस्वामी दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों की राजनीतिक जड़ें यहां मजबूत हैं। दोनों नेताओं में वोक्कालिगा वोट बैंक पर दावेदारी को लेकर सियासी संघर्ष रहा है। शिवकुमार की संभावित जीत उन्हें अपने भाई डीके सुरेश के लिए अपनी मौजूदा सीट छोड़ने का रास्ता दे सकता है।
अटकलें लगाई जा रही थीं कि बेंगलुरु ग्रामीण लोकसभा सीट से हारने के बाद सुरेश को कांग्रेस चन्नपटना से चुनाव मैदान में उतार सकती है। हालांकि, शिवकुमार की उम्मीदवारी का उद्देश्य अपना प्रभाव फिर से स्थापित करना और अपने भाई की हार का बदला लेना है।
लेकिन, अगर डीके शिवकुमार यहां से चुनाव जीत गए तो इससे राज्य में कांग्रेस खेमे में गतिरोध बढ़ा सकता है और सिद्दारमैया की जगह मुख्यमंत्री पद पर उनका दावा बढ़ सकता है।
इस बीच स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान, शिवकुमार ने चन्नपटना की उपेक्षा करने के लिए कुमारस्वामी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले विधायक यहां ऐसे समारोहों में शामिल नहीं हुए...शायद उन्हें स्वतंत्रता और स्वतंत्रता संग्राम का महत्व पता नहीं था।'
उपचुनाव में कांग्रेस की संभावनाओं के बारे में उन्होंने विश्वास के साथ कहा, 'लोगों में हमारे (कांग्रेस) प्रति स्नेह है, क्योंकि पार्टी ने देश को आजादी दिलाई। वे पार्टी और सरकार का समर्थन करना चाहते हैं। लोगों ने यह फैसला कर लिया है।'
भाजपा एमएलसी सीपी योगीश्वर और निखिल कुमारस्वामी चन्नपटना से भाजपा-जेडीएस गठबंधन के संभावित उम्मीदवार हैं। निखिल 2023 के विधानसभा चुनाव में रामनगर से हार गए थे। दिलचस्प बात यह है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान योगीश्वर ने शिवकुमार के साथ मंच साझा किया था।
योगीश्वर ने भाजपा-जद(एस) से टिकट की जोरदार इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि अगर टिकट नहीं मिला तो वे स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन बाद में एनडीए में वापस आने की उम्मीद है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के तहत कई बार चन्नपटना का प्रतिनिधित्व किया है।
कुमारस्वामी ने लोकसभा में जाने से पहले 2018 और 2023 में चन्नपटना विधानसभा सीट जीती थी। यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई, जिससे यह उनके और शिवकुमार दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण बन गया।












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