कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री बोले- दलित होने की वजह से नहीं बन पाया सीएम
नई दिल्ली: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता जी परमेश्वरम ने रविवार को बड़ा बयाना दिया। उन्होंने कहा कि दलित होने की वजह से उन्हें मुख्यमंत्री का पद नहीं दिया गया। उन्होंने कहा जेडीएस-कांग्रेस सरकार में उन्होंने डिप्टी सीएम का पद इच्छा नहीं होने के बावजूद लिया। परमेश्वरम ने ये बयान दावणगेरे में एक कार्यक्रम के दौरान दिया। ऐसे समय में जब गठबंधन सरकार में जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी को सीएम पद देने से देने से कांग्रेस में असंतोष पैदा है। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले ये बयान आग में घी डालने का काम करेगा।

दावणगेरे में दलित समुदाय के अधिकारों से जुड़ी चलावड़ी रैली में जी. परमेश्वर ने कहा कि मुझे दलित होने की वजह से दबाया गया और मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया गया। मैंने मजबूरी में डिप्टी सीएम की कुर्सी से संतोष किया, जिसके लिए मैं जरा भी इच्छुक भी नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी में कई दलित नेताओ, बी बासवलिंगप्पा, के.एच. रंगनाथ और मल्लिकार्जुन खड़गे(जो कि कलबुर्गी से सांसद हैं) को भी प्रदेश की कमान सौंपने से वंचित किया गया। यह सभी लोग मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन दलित उत्पीड़न का शिकार हो गए।
जी. परमेश्वर ने आगे कहा कि मैं दावणगेरे में चलावड़ी महासभा में अपनी निराशा बताने औेर समुदाय का समर्थन हासिल करने के लिए आया हूं। आज भी कर्नाटक के कई ग्रामीण इलाकों में छुआछूत और जातिवाद की समस्या है। दलितों को मंदिर, होटल और नाई की दुकानों में जाने से रोका जाता है, जबकि हमें संवैधानिक अधिकार मिले हैं। उन्होंने आगे कहा कि दलितों को संविधान निर्माता बी. आर. आंबेडकर को भगवान मानकर पूजना चाहिए।
इससे पहले कांग्रेस दावणगेरे से विधायक और अखिल भारतीय वीरशैव महासभा के अध्यक्ष शमनूर शिवशंकरप्पा ने मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रधानमंत्री पद का अगला उम्मीदवार बताया था। उन्होंने कहा कि खड़गे प्रधानमंत्री बनने की सारी योग्यताएं रखते हैं और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राहुल गांधी से अधिक टक्कर दे सकते हैं।












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