Karnataka Chunav Result: कांग्रेस को बहुमत मिला तो कौन बनेगा सीएम, डीके शिवकुमार या सिद्धारमैया?
Karnataka Chunav Result: कर्नाटक में कांग्रेस पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ती नजर आ रही है। इस बीच बड़ा सवाल यह है कि अगर पार्टी जीतती है तो प्रदेश में सिद्धारमैया या डीके शिवकुमार में से किसे मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलेगी।

Karnataka Chunav Result: कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आती दिख रही है। हालांकि कांग्रेस के लिए यह अच्छी खबर जरूर है, लेकिन इसके साथ पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि अगर कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलता है तो प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा।
कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद की रेस में दो शीर्ष नेता शामिल हैं। पहले नेता पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हैं जबकि दूसरे नेता कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकूमार हैं। एक तरफ सिद्धारमैया को पार्टी का बड़ा नेता माना जाता है तो दूसरी तरफ डीके शिवकुमार को प्रदेश में मुख्य रणनीतिकार माना जाता है।
कांग्रेस के भीतर के शीर्ष सूत्रों की बात करें तो सिद्धारमैया को लेकर आम सहमति पार्टी के भीतर बन गई है। पार्टी सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री की कमान सौंप सकती है। हालांकि प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए मुख्य रणनीतिकार के तौर पर डीके शिवकुमार को माना जा रहा है
सूत्रों की मानें तो प्रदेश में सत्ता स्थापित करने के लिए फॉर्मूला बन चुका है। सिद्धारमैया प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे और डीके शिवकुमार को सरकार में अहम जिम्मेदारी मिलेगी। बाद में डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी दी जा सकती है।
शुरुआती रुझान पर नजर डालें तो कांग्रेस पार्टी पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ती नजर आ रही है। पार्टी तकरीबन 120 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि भाजपा 80 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। वहीं एचडी कुमारस्वामी की पार्टी जेडीएस 30 सीटों पर जीतती नजर आ रही है।
कांग्रेस के सामने प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री चुनना मुश्किल जरूर है। राजस्थान और मध्य प्रदेश की तरह पार्टी कर्नाटक में भी भी वरिष्ठ और अनुभवी नेता पर अपना भरोसा दिखाना चाहती है। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों ही आला कमान के पसंदीदा नेता हैं। दोनों ही अपनी रैलियों में लोगों को अपनी ओर खींचने में सफल रहे हैं।
संजय निरुपम ने कहा कि दोनों में से कोई एक ही मुख्यमंत्री बनेगा। सभी विधायकों और शीर्ष नेताओं की बैठक होगी, विधायकों की जो राय होगी उसी के आधार पर फैसला लिया जाएगा। निश्चित तौर पर प्रदेश की ओर से सकारात्मक फैसला आया है। अगले 2-3 दिन में प्रदेश को एक अच्छा मुख्यमंत्री मिल जाएगा।
बता दें कि 2018 में कांग्रेस ने ओल्ड मैसूर क्षेत्र में 17 सीटें जीती थी, जबकि जेडीएस ने 27 और भाजपा ने सिर्फ 2 सीटों पर जीत दर्ज की थी। ऐसे में अभी तक के जो रुझान सामने आ रहे हैं उसमे कांग्रेस इस क्षेत्र में बड़ी जीत दर्ज करती नजर आ रही है जबकि जेडीएस को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है।












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