Karnataka Chunav 2023: जेडीएस से समर्थन लेने पर क्या सोच रही है बीजेपी? येदियुरप्पा ने बताई रणनीति
Vidhan Sabha Chunav in Karnataka 2023:भाजपा नेता येदियुरप्पा ने जेडीएस को 25 से 30 सीटें मिलने का अनुमान जताया है, लेकिन उससे गठबंधन की संभावना सिरे से नकार दिया है।

Vidhan Sabha Chunav in Karnataka 2023: कर्नाटक में बसवराज बोम्मई मुख्यमंत्री हैं, लेकिन बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे अभी भी पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा ही हैं। लिंगायत समाज के सबसे बड़े चेहरे येदियुरप्पा प्रदेश में बीजेपी की चुनावी रणनीति के सबसे बड़े किरदार हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने पार्टी को बड़ी बहुमत मिलने का दावा किया है, लेकिन जेडीएस को लेकर भी बहुत बड़ी बात कह दी है।

बीजेपी को कम से कम 130 सीटें मिलने का दावा
ईटी को दिए एक इंटरव्यू में सबसे पहले तो येदियुरप्पा ने यह दावा किया है कि कर्नाटक में बीजेपी को बड़ी बहुमत मिलेगी और वह कम से कम 130 सीटें जीतेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी आंकड़ा लगभग इसी के आसपास का है। उन्होंने बहुमत के आंकड़े 113 से 15 सीटें अधिक आने का अनुमान जताया है।

कांग्रेस को 6-7% से अधिक लिंगायत वोट नहीं मिलेंगे- येदियुरप्पा
कर्नाटक में इस बात की खूब चर्चा है कि जगदीश शेट्टार और लक्ष्मण सावडी जैसे लिंगायत नेताओं के पाला बदलकर कांग्रेस में जाने से उसे बड़ा फायदा मिल सकता है। लेकिन, येदियुरप्पा का दावा है कि कांग्रेस को 6-7% से अधिक लिंगायत वोट मिलना असंभव है।

जेडीएस के लिए 25-30 सीटों का जताया अनुमान
भाजपा की बड़ी जीत का दावा करना तो उनके लिए स्वभाविक है। लेकिन, जेडीएस के लिए 25 से 30 सीटें जीतने की संभावना जताकर उन्होंने बहुत बड़ी बात कह दी है। लेकिन, जब उनसे त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में उससे समर्थन लेने के बारे में पूछा गया तो इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया।

जेडीएस से समर्थन लेने से साफ इनकार
येदियुरप्पा बोले, 'त्रिशंकु विधानसभा नहीं होगी। हमें पूर्ण बहुमत मिलेगा। जेडीएस से समर्थन लेने का तो प्रश्न ही नहीं है, क्योंकि पिछली बार जब हमने उनके साथ सरकार बनाई थी तो हमें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा था, हम उनके साथ गठबंधन नहीं करेंगे।'

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'विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला मेरा'
जब उनसे बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बनाए जाने के बारे में पूछा गया तो वो बोले कि 'मैंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। लेकिन, मैं अपनी पार्टी की जीत के लिए काम कर रहा हूं और इस चुनाव के अंत तक 50 से ज्यादा रैलियों को संबोधित करूंगा।' उन्होंने कहा कि कर्नाटक में नेतृत्व की कोई कमी नहीं है। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह जैसे नेता भी हमारे यहां हैं।

'सीएम पर फैसला चुनाव के बाद'
सीएम बोम्मई के बारे में उन्होंने कहा कि 'वह अच्छा कर रहे हैं। मैं उनकी परफॉर्मेंस से खुश हूं। चुनाव के बाद पार्टी मुख्यमंत्री पर फैसला करेगी।' लिंगायत मुख्यमंत्री के बारे में उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व इसपर फैसला करेगा। उनके मुताबिक,'हम यह कह सकते हैं कि एक सीटिंग एमएलए मुख्यमंत्री बनेगा। कोई भी बाहर से नहीं आ रहा है, कोई दिल्ली से नहीं आ रहा है।'

'बजरंग दल पर बैन का वादा कांग्रेस की बेवकूफी'
कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस बजरंग दल पर बैन के मुद्दे को लेकर बैकफुट पर है और इससे पीछे भी हटती दिखाई पड़ रही है। जब कांग्रेस के घोषणापत्र में किए गए इस वादे के बारे में उनसे सवाल हुआ तो वे बोले, 'बजरंग दल पर बैन का वादा करना कांग्रेस की बेवकूफी थी। इसका असर उसे पूरे राज्य में झेलना पड़ेगा।'












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