Karnataka politics:बिहार चुनाव के बाद कर्नाटक में होगा बड़ा राजनीतिक बदलाव, BJP अध्यक्ष के दावे से मची खलबली
Karnataka politics: राज्य के राजनीतिक गलियारों में सत्तारूढ़ कांग्रेस में, कुछ समय से मुख्यमंत्री बदलने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। ये अटकलें सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कथित सत्ता-साझेदारी समझौते से जुड़ी हैं। डीके शिवकुमार के समर्थक अब अपने नेता को सीएम की कुर्सी पर देखना चाहते हैं जिसके कारण कांग्रेस के अंदरखाने में लगातार तनातनी मची हुई है।
वहीं अब कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने रविवार को दावा किया कि बिहार चुनावों के बाद राज्य में बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेंगे। कर्नाटक भाजपा अधयक्ष विजयेंद्र के इस दावे के बाद कर्नाटक की राजनीति में खलबली मच गई है।

दरअसल, रविवार को कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री बदलने की बढ़ती मांगों का हवाला देते हुए कर्नाटक की राजनीति में बिहार चुनाव के बाद बदलाव होने का दावा किया। विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रहे कथित सत्ता संघर्ष को लेकर कहा, " कांग्रेस पार्टी में भ्रम की स्थिति है और विधायक खुले तौर पर नेतृत्व परिवर्तन की वकालत कर रहे हैं।
सिद्धारमैया कुछ जल्दबाजी में दिख रहे हैं..
विजयेंद्र ने मीडिया से बात करते हुए कहा "सिद्धारमैया कुछ जल्दबाजी में दिख रहे हैं। दो महीने पहले मैसूर में उनकी शक्ति प्रदर्शन की कोशिश देखी गई थी। मुख्यमंत्री अपनी ताकत दिखा रहे हैं।" उन्होंने दावा किया सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक और मंत्री राजनीतिक उथल-पुथल की बात कर रहे हैं, न कि भाजपा के सदस्य।
बिहार चुनाव के बाद कर्नाटक में राजनीतिक अस्थिरता होगी
भाजपा नेता ने इस बात का भी जिक्र किया कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी सदस्यों से नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा न करने को कहा है। यह बड़ा सबूत है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर अंतिम फैसला करेगा। विजयेंद्र ने कहा, "कांग्रेस नेतृत्व में कोई यह नहीं कह रहा कि नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। इसका मतलब है कि बिहार चुनावों के बाद राज्य में कई राजनीतिक बदलाव होंगे। यह स्पष्ट है कि राज्य में राजनीतिक अस्थिरता होगी।"
भाजपा की क्या भूमिका होगी?
राजनीतिक बदलाव की स्थिति में भाजपा की क्या भूमिका होगी? इस प्रश्न का जवाब देते हुए विजयेंद्र ने कहा "देखते हैं जब स्थिति आएगी। भाजपा एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में काम करेगी।" उन्होंने कहा, "हमारी सीटें 66 से घटकर 63 हो गई हैं। हम विपक्ष में हैं और एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। हमें राज्य के मुद्दों पर चर्चा करनी होगी।" उन्होंने कांग्रेस पर शून्य विकास और गरीबों व किसानों के विरोध में होने का आरोप लगाया।
कांग्रेस के विधायक भी कर चुके हैं ये दावा
ध्यान रहे पिछले सप्ताह कांग्रेस विधायक एचडी रंगनाथ (कुनिगल) और पूर्व सांसद एलआर शिवरमे गौड़ा (मांड्या) ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का मुद्दा फिर से उठाया था। उन्होंने दावा किया था कि नवंबर में शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। हालांकि, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दोहराया कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।












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