कांग्रेस को घेरने के चक्कर में आपस में ही उलझी बीजेपी, किस पर लग रहा सिद्दारमैया से सेटिंग का आरोप?
Karnataka News: कर्नाटक में भाजपा कांग्रेस की सिद्दारमैया सरकार के खिलाफ वाल्मीकि घोटाले (Valmiki development corporation) और मैसूर जमीन घोटाले (MUDA Scam) को लेकर मोर्चा खोले हुए है। इसकी वजह से कांग्रेस सरकार काफी दबाव में भी नजर आ रही है।
कर्नाटक में उजागर हो रहे घोटालों को लेकर सिद्दारमैया सरकार के खिलाफ बीजेपी ने 3 अगस्त से आधिकारिक तौर पर सात दिवसीय पदयात्रा की घोषणा कर रखी है। लेकिन, अब बीजेपी के अंदर ही इन मुद्दों पर फूट सार्वजनिक होने लगी है।

कांग्रेस सरकार के खिलाफ पदयात्रा को लेकर बीजेपी में मतभेद
बीजेपी की आधिकारिक पदयात्रा जिसमें सहयोगी जेडीएस भी शामिल होने वाली है, बेंगलुरु से मैसूर तक के लिए तय की गई है। लेकिन वाल्मीकि समाज से आने वाले रमेश जारकीहोली और बी श्रीरामुलु जैसे वरिष्ठ नेताओं ने इसके समानांतर बेल्लारी से बेंगलुरु की यात्रा निकालने की योजना बना ली है।
जारकीहोली की शिकायत है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने पदयात्रा तय करने से पहले वरिष्ठ नेताओं को भरोसे में नहीं लिया। उन्होंने कहा, 'हम अपनी अलग पदयात्रा शुरू करेंगे। हमनें इसके लिए हाई कमान से अनुमति मांगी है।'
बीजेपी के किस नेता पर लग रहा सिद्दारमैया से सेटिंग का आरोप?
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कर्नाटक में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे बीएस येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र के पिछले साल नवंबर में पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद से ही पार्टी के कुछ नेता असंतुष्ट नजर आ रहे हैं।
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी के कई वरिष्ठ नेता प्रदेश के शीर्ष नेताओं पर 'मेल-मिलाप' की राजनीति की वजह से मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के प्रति नरम रवैया रखने तक का आरोप लगा रहे हैं।
ऐसे वरिष्ठ नेताओं में बसनगौड़ा पाटिल यतनाल भी शामिल हैं, जो बिना हिचकिचाहट येदियुरप्पा और विजयेंद्र की आलोचना करते हैं और सोमवार को भी पिता-पुत्र को लेकर पार्टी पर भी निशाना साध चुके हैं। उन्होंने विपक्ष के नेता आर अशोक पर भी कांग्रेस के लोगों के साथ तालमेल रखने का आरोप लगाया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रिश्तेदार को भी बताया मूडा जमीन का लाभार्थी
यतनाल का कहना है, 'कुछ पदाधिकारी जो मेल-मिलाप की राजनीति में शामिल हैं, वे पदयात्रा का ड्रामा कर रहे हैं। वे असल में कांग्रेस से नहीं लड़ रहे हैं, क्योंकि वे उस पार्टी के टॉप के नेताओं के साथ मिले हुए हैं। विजयेंद्र के रिश्तेदार भी मूडा साइट के एक लाभार्थी हैं।'
बता दें कि कथित मूडा घोटाले में बीजेपी सिद्दारमैया के परिवार को मैसूर में कौड़ियों की जमीन के बदले हजारों करोड़ की जमीन आवंटित किए जाने का आरोप लगा रही है।
बीजेपी के एक नेता ने प्रदेश इकाई के खिलाफ सोशल मीडिया पर खोल दिया मोर्चा
पार्टी के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता अरविंद लिंबावली ने तो सोशल मीडिया पर एक खुली चिट्ठी लिखकर मूडा और वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाले में कांग्रेस को पटखनी देने में नाकामी के लिए प्रदेश इकाई की खिंचाई कर दी है।
इनका कहना है कि प्रदेश नेतृत्व ने कांग्रेस सरकार को बिना जांच के काम करने दिया है।
भाजपा नेताओं का एक खेमा यह सोचकर भी परेशान हो रहा है कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ अभियान में केंद्रीय मंत्री और जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी लाइमलाइट में आ रहे हैं।
यह चिंता विजयेंद्र कैंप को ज्यादा सता रही है। वहीं एक खेमा पदयात्रा के समय पर इस वजह से सवाल उठ रहा है कि उत्तर कर्नाटक इस वक्त बारिश से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहा है।












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