कर्नाटक बंद आह्वान के बीच पुलिस में बड़ा फेरबदल! एडिशनल DGP आलोक कुमार का 3 महीने में ट्रांसफर
तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने के विरोध में कन्नड़ समर्थकों और किसान संगठनों ने आज यानी शुक्रवार को कर्नाटक बंद का आह्वान किया है। यह बंदी काफी हद तक शांतिपूर्ण रही। लेकिन, इसने राज्य को अस्थाई रूप से ठप कर दिया। इसी बीच सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने अहम प्रशासनिक फेरबदल किए हैं।
1994-बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार का एडीजीपी यातायात और सड़क सुरक्षा, बेंगलुरु के पद से ट्रांसफर कर दिया है। उन्हें अगले आदेश तक एडीजीपी प्रशिक्षण, बेंगलुरु के रूप में तैनात किया गया।

खास बात यह है कि तीन महीने पहले यानी 8 जून को आलोक कुमार को कानून एवं व्यवस्था विभाग से यातायात एवं सड़क सुरक्षा विभाग के एडीजीपी पद पर पदस्थापित किया गया था। महज तीन महीने में ही उनका दोबारा ट्रांसफर हो गया। कहा जाता है कि बेंगलुरु के अव्यवस्थित ट्रैफिक के कारण उन्हें तीन महीने के भीतर ही ट्रांसफर करना पड़ा।
ट्रांसफर की वजह ये तो नहीं?
दरअसल, सिलिकॉन सिटी बेंगलुरु अचानक ठप हो गई। भीषण जाम लग गया। शाम के समय जाम इतना भयावह था कि दफ्तरों से निकले कर्मचारी आधी रात में भी अपने घर नहीं पहुंच सके। कुछ रूटों पर मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण और ऐसी जगहों पर सड़कों पर गड्ढे बनने से यातायात धीमा हो गया है। मेट्रो के निर्माण के कारण आधी सड़कें निर्माण सामग्री से भर गई हैं। ऐसी जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। माना जा रहा है कि इन घटनाक्रमों के कारण बेंगलुरु यातायात विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक एडीजीपी आलोक कुमार का तबादला किया गया है।












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