लिंगायत को अल्पसंख्यक का दर्जा देकर हिन्दुओं को बंटने नहीं देंगे: शाह
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बेंगलुरू। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के लिंगायत को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा देने के प्रस्ताव को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस का धोखा कहा है। लिंगायत और वीरशैव लिंगायत को धार्मिक अल्पसंख्यकों का दर्जा देने के कांग्रेस के फैसले को शाह ने हिंदुओं को बांटने वाला बताते हुए कहा कि वो ऐसा नहीं होने देंगे। मंगलवार को शाह ने कहा कि भाजपा लिंगायतों को बंटने नहीं देगी। उन्होंने साफ कहा कि कर्नाटक सरकार ने लिंगायों को अल्पसंख्यक का दर्जा देने का जो प्रस्ताव केंद्र के पास भेजा है, उसे केंद्र की मोदी सरकार मंजूरी नहीं देगी।

बांटने की कोशिश को कामयाब नहीं होने देंगे
कर्नाटक पहुंचे अमित शाह ने यहां कहा कि लिंगायत समुदाय के सभी महंतों का कहना है कि समुदाय को बंटने नहीं देना है औ मैं ये भरोसा दिलाता हूं कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा बांटने की रजनीति नहीं करती और जब तक पार्टी सत्ता में है लिंगायत का कोई बंटवारा नहीं होगा। अमित शाह ने वीरशैव लिंगायत के महंतों से कहा कि लिंगायत समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा देने की राज्य सरकार की सिफारिश को मोदी सरकार नहीं मानेगी।

कांग्रेस येदुरप्पा को रोकना चाहती है
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि कांग्रेस और सिद्धारमैया को लिंगायत से कोई प्यार नहीं है, वो चुनावी हथकंडों के जरिए बीएस येदियुरप्पा को कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री बनने से रोकने की साजिश कर रहे हैं। शाह ने कहा कि सिद्धारमैया सरकार का प्रस्ताव चुनाव से पहले लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।

कर्नाटक सरकार ने भेजा है प्रस्ताव
कर्नाटक कैबिनेट ने 19 मार्च को लिंगायत और वीरशैव लिंगायतों को धार्मिक अल्पसंख्यकों का दर्जा देने को लेकर प्रसातव पास किया है। राज्य सरकार ने नागमोहन समिति की सिफारिशों को स्टेट माइनरिटी कमीशन ऐक्ट की धारा 2 डी के तहत मंजूरी दी। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्र के पास भेजा गया है। लिंगायत को अल्पसंख्यक का दर्जा देने को लेकर शाह ने इंकार किया है। कर्नाटक में 12 मई को विधानसभा के लिए चुनाव होने है।












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