Karnataka Assembly Election 2023: पीएम मोदी की दो टूक, MP-MLA के बच्चों को टिकट नहीं
Karnataka Assembly Election 2023: पीएम मोदी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर स्पष्ट कर दिया है कि सांसद और विधायकों के बच्चों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए।

Karnataka Assembly Election 2023: कर्नाटक में चुनाव के ऐलान के बाद से हर किसी की नजर राजनीतिक दलों की उम्मीदवारों की लिस्ट पर है। कांग्रेस और जेडीएस ने अपने कई उम्मीदवारों के नाम का पहले ही ऐलान कर दिया है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक एक भी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी नहीं की गई है।
माना जा रहा है कि भाजपा की पहली लिस्ट आने में अभी एक या दो दिन का और समय लग सकता है। दरअसल इसकी बड़ी वजह है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मौजूदा सांसदों और विधायकों के बच्चों को टिकट दिए जाने का विरोध करना।
पीएम मोदी का सख्त रुख
रिपोर्ट की मानें तो प्रधानमंत्री मोदी नहीं चाहते हैं कि मौजूदा सांसद और विधायकों के बच्चों को टिकट दिया जाए। वह चाहते हैं कि नए नेताओं को टिकट दिया जाए, पार्टी की जमीनी कार्यकर्ताओं को टिकट दिया जाए। रविवार को भाजपा की केंद्रीय चुनाव कमेटी की बैठक हुई थी। माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने इस बैठक में स्पष्ट तौर पर कहा है कि वह नहीं चाहते हैं कि मौजूदा सांसद और विधायकों के बच्चों को टिकट दिया जाए, बल्कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को टिकट दिया जाए।
बीच में बैठक छोड़कर गए येदियुरप्पा
पूर्व मुख्यमंत्री और संसदीय बोर्ड के सदस्य बीएस येदियुरप्पा भी इस बैठक में शामिल थे, लेकिन वह बीच में ही इस बैठक को छोड़कर चले गए, जिसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह पीएम मोदी के इस सख्त रुख से नाराज हैं। इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी के सुझाव के बाद सांसद-विधायकों के बच्चों का टिकट कट सकता है। ऐसे में येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र का भी टिकट संकट में है।
बैठक से येदियुरप्पा ने बनाई दूरी
गौर करने वाली बात है कि सोमवार को जब केंद्रीय नेताओं ने बैठक की तो इसमे भी येदियुरप्पा शामिल नहीं हुए। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई नेता शामिल थे। बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की गई। हालांकि सीएम बासवाराज बोम्मई और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कटील, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, गोविंद करजोल इस बैठक में शामिल थे।
येदियुरप्पा ने रखी ये मांग!
येदियुरप्पा ने जेपी नड्डा से व्यक्तिगत तौर पर कुछ देर के लिए बैठक की और इसके बाद वह बेंगलुरू के लिए रवाना हो गए। जिसके बाद राज्य के नेताओं के साथ नड्डा ने देर रात तक बैठक की। सूत्रों का कहना है कि येदियुरप्पा चाहते हैं कि उनके बेटे को शिकारीपुरा से टिकट दिया जाए, साथ ही उनके 15 उम्मीदवारो को भी टिकट दिया जाए। येदियुरप्पा के बेटे को टिकट दिया जाए या नहीं यह पीएम मोदी पर छोड़ दिया गया है जबकि 15 उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने की मांग को ठुकरा दिया गया है।
इन नेताओं के बच्चे हैं रेस में
बता दें कि प्रदेश में कई वरिष्ठ नेता हैं जो अपने बच्चों के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। जिसमे येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र, मंत्री सोमन्ना के बेटे अरुण सोमन्ना, गोविंद करजो के बेटे गोपाल करजोल, सांसद जीएम सिद्धेश्वर के बेटे अित कुमार, पूर्व मंत्री के बेटे केई कंटेश टिकट के लिए गुटबंदी कर रहे हैं। लेकिन जिस तरह से पीएम मोदी ने सख्त रुख दिखाया है उसके बाद ये तमाम नेता नाखुश हैं। इन नेताओं का कहना है कि पार्टी का पहले का रुख था एक पार्टी एक टिकट, ऐसे में उनके बच्चों को टिकट दिया जाना चाहिए।
सीएम बोम्मई और येदियुरप्पा ने क्या कहा
रिपोर्ट की मानें तो भाजपा की चुनाव समिति ने 175 उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार कर ली है। जबकि बाकी के 49 उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार करने के लिए रणनीति को तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बोम्मई ने कहा कि कुछ सीटों पर उम्मीदवारों का फैसला अभी नहीं हुआ है। पहली लिस्ट एक या दो दिन में जारी हो सकती है। वहीं अपनी नाराजगी की खबरों पर येदियुरप्पा का कहना है कि मैं नाखुश नहीं हूं, मैं हमेशा खुश रहने वाला इंसान हूं। मेरा लक्ष्य पार्टी को फिर से प्रदेश की सत्ता में लाना है।












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