#Karnataka: प्रोटेम स्पीकर को लेकर SC के फैसले पर क्या बोले अभिषेक मनु सिंघवी और मुकुल रोहतगी
नई दिल्ली। कर्नाटक में प्रोटेम स्पीकर केजी बोपैया के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट गई कांग्रेस और जेडीएस को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रोटेम स्पीकर के चुनाव पर कांग्रेस-जेडीएस के वकीलों की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया कि राज्यपाल की ओर से नियुक्त किए गए प्रोटेम स्पीकर केजी बोपैया के नेतृत्व में ही बहुमत परीक्षण कराया जाएगा। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक प्रशासन को आदेश दिए हैं कि, बहुमत परीक्षण के दौरान सदन की कार्यवाही का लाइव टेलीकास्ट कराया जाएगा। इस मामले में कोर्ट से निकलने के बाद अभिषेक मनु सिंघवी और मुकुल रोहतगी ने क्या कहा, पढ़िए आगे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से पक्षकार अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना था। LIVE टेलीकास्ट से उम्मीद है कि निष्पक्षता बनी रहेगी। सिंघवी ने कहा कि हमने जो मांग की थी उसे सुप्रीम कोर्ट ने मान ली है। फ्लोर टेस्ट के लाइव प्रसारण पर कांग्रेस राजी है।
इस मामले में मुकुल रोहतगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की याचिकाओं को सुनने के बाद, उसे खारिज कर दिया। केजी बोपैया को पद से हटाने का कांग्रेस का प्रयास विफल रहा। मुझे लगता है कि वे डरे हुए हैं और फ्लोर टेस्ट भी नहीं चाहते थे। इससे पहले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि, अगर प्रोटेम स्पीकर को बदल दिया जाएगा तो बहुमत परीक्षण की कार्यवाही को एक दिन के लिए आगे बढ़ाना पडे़गा। कोर्ट ने प्रोटेम स्पीकर के मुद्दे पर फैसला सुनाते हुए कहा कि, प्रोटेम स्पीकर बीजेपी का ही रहेगा।












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