PFI फंडिंग का कपिल सिब्बल ने किया खंडन, मीडिया पर केस करने की दी धमकी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने उन आरोपों को खारिज कर दिया है। जिसमें कहा गया है कि, केरल के पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के लिए धन उन्हें पैसे दिए गए थे। कपिल सिब्बल ने पीएफआई के खातों के उन्हें भेजी गई रकम की पुष्टि करते हुए कहा कि, उन्हें वह पैसा हादिया केस में 2018 में भेजा गया था। उन्होंने मीडिया में चल रही सभी खबरों का खंडन किया है। साथ ही मीडिया में चल रही खबरों को लेकर केस करने की धमकी दी है।

हादिया केस के लिए प्रोफेशनल फीस ली : सिब्बल

हादिया केस के लिए प्रोफेशनल फीस ली : सिब्बल

मीडिया में आई खबरों के बाद सोमवार को कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि, इसमें मेरा और कुछ अन्य वकीलों का नाम लिया जा रहा है। इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। यह झूठ की बदौलत लोगों की प्रतिष्ठा खत्म करने की साजिश का हिस्सा है।मैं हदिया केस में पेश हुआ था, उसी के लिए मुझे पेमेंट मिला था। उसके लिए मुझे सभी पेमेंट मार्च 2018 से पहले मिले थे। वह पेशेवर सेवा के लिए था। उन्होंने कहा कि साल 2017 में पहला बिल मिला था, मार्च 2018 तक सारी पेमेंट हो चुकी थीं फिर मैंने सीएए के विरोध के लिए कैसे पैसा लिया।

सिब्बल की मीडिया को धमकी

उन्होंने यह भी कहा कि सीएए से जुड़े मामलों का केस लड़ने पर उन्होंने एक पैसा फीस नहीं ली। कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा, 'जब उन्होंने प्रोफेशनल फीस ली थी तब उन्हें पता नहीं था कि अमित शाह गृह मंत्री बनेंगे और संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पास हो जाएगा। इसके साथ ही सिब्बल ने अपने खिलाफ स्टोरी चलाने वालों पत्रकारों और चैनलों पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।

स्टोरी हटाओ वरना कानूनी कार्रवाई करेंगे

स्टोरी हटाओ वरना कानूनी कार्रवाई करेंगे

उन्होंने सोमवार को कहा कि आरोपों में सच्चाई नहीं है और यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है। इतना ही नहीं, उन्होंने धमकी दी कि जिन समाचार माध्यमों ने इस बारे में उनका नाम लेते हुए स्टोरी की है, अगर उसे नहीं हटाया तो वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 73 बैंक खातों में 120 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा की गई थी, जिनका इस्तेमाल सीएए के खिलाफ हिंसक विरोध-प्रदर्शन में हुआ था।

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