कपिल सिब्बल ने मोहन भागवत पर कंसा तंज, पूछा-मोदी जी के 2 करोड़ नौकरियों के वादों का क्या?
Kapil Sibal, दरअसल आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि श्रम के लिए सम्मान की कमी देश में बेरोजगारी के मुख्य कारणों में से एक है।

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की उस टिप्पणी पर कटाक्ष किया। जिसमें उन्होंने लोगों से नौकरियों के पीछे नहीं भागने का आग्रह किया था। कपिल सिब्बल ने मोहन भागवत के बयान पर तंज कसते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर साल दो करोड़ नौकरियों के वादे का क्या हुआ?
दरअसल आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि श्रम के लिए सम्मान की कमी देश में बेरोजगारी के मुख्य कारणों में से एक है, और उन्होंने लोगों से सभी तरह की नौकरी का सम्मान करने का आग्रह किया। मोहन भावगत के इसी बयान पर राजसभा सांसद और सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने तंज कसते हुए ट्वीट किया है।
कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर लिखा कि, मोहन भागवत: सरकारी नौकरियों के पीछे मत भागो। निजी नौकरियां कहां हैं भागवत जी? पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मोहन भागवत से सवाल करते हुए लिखा, और उन 2 करोड़ नौकरियों का क्या जो मोदीजी ने वादा किया था!मुंबई में एक सार्वजनिक समारोह में भागवत ने कहा था कि किसी भी काम को बड़ा या छोटा नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह समाज के लिए किया जाता है।

मोहन भागवत ने कहा कि, कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग किस तरह का काम करते हैं, इसका सम्मान किया जाना चाहिए। श्रम के लिए सम्मान की कमी समाज में बेरोजगारी के प्रमुख कारणों में से एक है। चाहे काम के लिए शारीरिक श्रम की आवश्यकता हो या बुद्धि की, चाहे इसके लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता हो या सॉफ्ट स्किल की - सभी का सम्मान किया जाना चाहिए।
भागवत ने कहा, हर कोई नौकरियों के पीछे भागता है। सरकारी नौकरियां केवल 10 प्रतिशत के आसपास हैं, जबकि अन्य नौकरियां लगभग 20 प्रतिशत हैं। दुनिया का कोई भी समाज 30 प्रतिशत से अधिक नौकरियां पैदा नहीं कर सकता है।












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