बंगला तोड़ने पर BMC को फटकार और मुआवजा देने के फैसले पर क्या बोलीं कंगना रनौत
नई दिल्ली। सितंबर में अभिनेत्री कंगना रनौत के मुंबई दफ्तर के एक हिस्से को गिराने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को फटकर लगाई है। साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया है कि बीएमसी कंगना को उनके नुकसान का मुआवजा दे। कंगना ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। फैसवे पर ट्वीट कर कंगना ने कहा है कि ये उनकी निजी जीत नहीं है बल्कि लोकतंत्र की जीत है। कंगना ने कहा है कि सामने वालों के विलने बन जाने से वो हीरो बन गईं।

मेरे सपने पर हंसने वालों का भी शुक्रिया
कंगना ने फैसला आने के बाद ट्वीट कर लिखा, जब कोई सरकार के खिलाफ खड़ा होता है और इस लड़ाई को जीतता है तो ये जीत उस इंसान की नहीं बल्कि पूरे लोकतंत्र की होती है। उन सभी का शुक्रिया जिन्होंने मुझे हौसला दिया। उन लोगों का भी शुक्रिया जो मेरे टूटे सपनों पर हंसे थे और मेरा मजाक उड़ाया था। आप विलन बन गए और आपके विलने हो जाने की वजह से ही मैं हीरो बन सकी।
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सितंबर में हुई थी कंगना के दफ्तर पर कार्रवाई
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने 9 सितंबर को कंगना के पाली हिल स्थित बंगले में बने ऑफिस के कई हिस्सों को अवैध बताते हुए तोड़ दिया था। कंगना ने बीएमसी की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसी याचिका पर शुक्रवार को जस्टिस एसजे कैथावाला और आरआई छागला की बेंच ने फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कि बीएमएसी ने खराब नीयत से यह कदम उठाया था और कंगना का दफ्तर गलत इरादे से तबाह किया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह नागरिकों के आधिकार के भी विरुद्ध था।

नुकसान का पता लगाने के लिए अफसर नियुक्त
कंगना ने बीएमसी से अपने नुकसान की भरपाई के लिए दो करोड़ रुपए हर्जाना मांगा है। कंगना को कितना मुआवजा दिया जाए इसके लिए कोर्ट ने एक वैल्युअर भी नियुक्त किया है। वह नुकसान का अनुमान लगाएगा इसके बाद मुआवजे की राशि तय की जाएगी। हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त वेल्युअर को मार्च 2021 तक रिपोर्ट सौंपनी है।
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