Kandi Srinivas Reddy कौन हैं? H-1B वीजा घोटाले में आया नाम, कांग्रेस से क्या है रिश्ता?
US visa scam: कंडी श्रीनिवास रेड्डी (Kandi Srinivasa Reddy) का नाम अमेरिकी वीजा घोटाले में आ रहा है। यह एक भारतीय अमेरिकी बिजनेसमैन हैं, जो कांग्रेस के टिकट पर तेलंगाना की आदिलाबाद विधानसभा सीट से पिछला चुनाव भी लड़ चुके हैं।
रिपोर्ट के अनुसार कंडी श्रीनिवास रेड्डी कथित तौर पर एच-1बी वीजा लॉटरी सिस्टम में हेरफेर करने के आरोपों की वजह से इमिग्रेशन घोटाले की जांच के दायरे में आए हैं।

अमेरिकी सिस्टम के साथ भी कर डाला घोटाला?
ब्लूमबर्ग के अनुसार कंपनियों के जटिल नेटवर्क में उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं, जिसमें वीजा प्रक्रिया में धांधली को लेकर आशंकाएं पैदा हुई हैं। इसकी वजह से पूरे एच-1बी वीजा लॉटरी सिस्टम की ईमानदारी पर शक की सूई घूम गई है।
रेड्डी ने कैसे दिया अमेरिकी वीजा लॉटरी सिस्टम को चकमा?
रिपोर्ट के अनुसार रेड्डी के इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है, जिसमें 'मल्टीपल रजिस्ट्रेशन' नाम की प्रक्रिया के माध्यम से एच-1बी वीजा लॉटरी प्रणाली में हेरफेर किया गया।
इस प्रक्रिया में इस तरह का हथकंडा अपनाया गया कि एक ही व्यक्ति का वीजा आवेदन अलग-अलग कंपनियों के नाम से लगाया गया, ताकि लॉटरी की प्रक्रिया में उसका नाम आने की संभावना बढ़ जाए।
अलग-अलग कंपनियों से हजारों आवेदन डाला और सैकड़ों वीजा हासिल कर लिया
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक रेड्डी ने क्लाउड बिग डेटा टेक्नोलॉजीज एलएलसी, मशीन लर्निंग टेक्नोलॉजीज एलएलसी जैसी अन्य कई कंपनियों का संचालन किया। इन कंपनियों के नाम भी समान थे और इनका पता भी वही था। इनकी ओर से हजारों आवेदन डाले गए और उनमें से सैकड़ों के एच-1बी वीजा जारी हो गए।
2020 से 2023 के बीच जमकर चला वीजा घोटाला!
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की धांधली ने न सिर्फ अमेरिकी वीजा लॉटरी सिस्टम को ठेंगा दिखा दिया, बल्कि उन कंपनियों को भी नुकसान पहुंचाया, जो नियमों का पालन करते हैं। ब्लूमबर्ग को जो डेटा मिले हैं, उसके मुताबिक 2020 से 2023 तक एक तरह से कंडी श्रीनिवास रेड्डी के उम्मीदवार लॉटरी जीतने की गारंटी बन गए। उनकी कंपनियों को 2020 से 300 से ज्यादा वीजा मिले हैं।
कंडी श्रीनिवास रेड्डी का कांग्रेस से क्या है नाता?
कंडी श्रीनिवास रेड्डी नवंबर,2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में आदिलाबाद सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार थे। यहां वह सिर्फ 47,724 वोट लेकर तीसरे नंबर पर रहे थे। इस सीट से बीजेपी के पायल शंकर जीते (67,608 वोट) और बीआरएस के जोगू रमन्ना दूसरे स्थान (60,916 वोट) पर आए थे।
दस्तावेज और अन्य सबूत करते हैं रेड्डी की सफाई का खंडन-ब्लूमबर्ग
वे किसानों के लिए एक फाउंडेशन भी बना चुके हैं और एक मीडिया कंपनी के भी मालिक हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार जिन कंपनियों का वीजा घोटाले में नाम आया है, उसमें रेड्डी अपनी संलिप्तता बहुत कम होने का दावा करते हैं, लेकिन दस्तावेज और अन्य साक्ष्य उनके दावों का खंडन करते हैं।
ब्लूमबर्ग को दिए एक संक्षिप्त इंटरव्यू में रेड्डी ने कहा था कि वे कंपनियों के मात्र रजिस्टर्ड एजेंट थे। लेकिन, भारतीय चुनाव अधिकारियों के पास दर्ज हलफनामे और अमेरिकी बिजनेस रजिस्ट्री दस्तावेजों के अनुसार इन कंपनियों का नियंत्रण उनके या उनकी पत्नी के हाथों में रहा है।
बीजेपी ने अमेरिकी वीजा घोटाले को लेकर राहुल को लपेटा
इस रिपोर्ट के बाद बीजेपी नेता और पार्टी के आईटी विभाग के इंचार्ज अमित मालवीय ने इसी बहाने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
उन्होंने एक्स पर लिखा है, '.....तीसरी बार फेल रहे राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले, (कंडी श्रीनिवास रेड्डी) तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने महिलाओं को प्रेशर कुकर बांटे, ताकि उनके चुनावी पंसदों को प्रभावित किया जा सके। यहां तक कि वह बालक बुद्धि और कांग्रेस तेलंगाना अध्यक्ष रेवंत रेड्डी (मुख्यमंत्री) के साथ अमेरिका भी गए थे।...इस ट्रिप पर वह टेबल पर क्या-क्या लेकर आए थे?.....'












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