#KamalaMillsfire: हादसे के बाद हरकत में बीएमसी, चार रेस्तरां पर चला बुल्डोजर
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मुंबई। कमला मिल कंपाउंड में गुरुवार देर रात लगी आग में 14 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कर्पोरेशन (बीएमसी) भी हरकत में आ गई है। बीएमसी ने 25 टीम बनाकर अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। मुंबई के लोअर पारेल में रघुवंशी मिल कंपाउंड में हुए अवैध निर्माण को गिराया गया है। वहीं एक टीम ने कमला मिल्स कंपाउंड में हुए अवैध निर्माण पर हथौड़ा चलाया। वर्ली में भी अवैध निर्माण को गिराया है। बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, लोवर पारेल और वर्ली में स्काईविव कैफे ने 1200 स्क्वायर फुट अवैध निर्माण किया हुआ था। पनाया और शिशा स्काई लोंड पर भी बीएमसी का बुल्डोजर चला है। अधिकारियों का कहना है कि शनिवार को भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई जारी रहेगी।

आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस
मुंबई के कमला मिल कंपाउंड में गुरुवार रात लगी भयावह आग के मामले में मुंबई पुलिस ने आज सभी आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। साथ ही पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए 5 अलग टीमों का भी गठन किया है। बता दें कि इस मामले में पुलिस ने 3 पब मालिकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हादसे के बाद ही तीनों पब मालिक और पब के स्टाफ फरार हैं।

हादसे में गई 14 लोगों की जान
गुरुवार रात को भीषण हादसे ने ली 14 जान कमला मिल कम्पाउंड की एक बिल्डिंग में बने तीन पबों, वन अबव रेस्त्रां, लंदन टैक्सी बार और मोजोज पब में गुरुवार रात भीषण आग लग गई। आग सबसे पहले वन अबॉव रेस्त्रां में लगी और फिर धीरे-धीरे लंदन टैक्सी बार और मोजोज पब भी इसकी जद में आ गए। इस भीषण आग में फंसे लोग खुद को बचा पाने में असफल रहे। पब के बाथरुम में कई लोगों की लाशें पाईं गईं। मृतकों में अधिकांश महिलाएं शामिल है जो पब में एक पार्टी में शामिल होने आई थीं। इस घटना में अभी तक 14 लोगों की मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है जबकि करीब 15 लोगों घायल हैं।

हादसे में सामने आई है लापरवाही
मुंबई के कमला मिल कंपाउंड में गुरुवार देर रात लगी आग में 14 लोगों की दर्दनाक मौत के मामले में पब के मैनेजर और स्टाफ की लापरवाही का मामला सामने आया है। ये लोग आग लगते ही पब से भाग खड़े हुए थे और ग्राहकों को यहां से निकालने की कोई कोशिश नहीं की थी। पुलिस और बीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि हादसे के वक्त पब के मैनेजर और अन्य स्टाफ लोगों को बचाने की बजाय मौके से भाग खड़े हुए। ना ही तो यहां आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए मैनेजमेंट ने कोई व्यवस्था नहीं की थी और ना ही आग बुझाने का कोई इंतजाम था। रास्ते भी छोटे थे, जिनसे सबसे पहले यहां का स्टाफ ही निकल गया और लोगों को छोड़ गया।












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