मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: कमलनाथ ने किया हर पंचायत में 'गोशाला' बनाने का वादा
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव की घोषणा अभी हुई नहीं है लेकिन राज्य में इसे लेकर सियासी तैयारी जोरों पर है। प्रदेश में 15 साल से सत्तारुढ़ बीजेपी जहां अपना किला बचाने के लिए जोर लगा रही है तो वहीं कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर और खुद मध्यप्रदेश में अपने कार्यकर्ताओं के अंदर उम्मीद और जोश बचाए रखने के लिहाज से ये चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन चुनावों में जहां कांग्रेस केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर निशाना साध रही है तो वहीं वो प्रदेश में सॉफ्ट हिंदुत्व का फार्मूला भी अपनाने की कोशिश कर रही है। राष्ट्रीय स्तर पर भी वो इसे लेकर आगे बढ़ती दिख रही है लेकिन सवाल ये है कि क्या बीजेपी के हिंदुत्व के आगे उसका हिंदुत्व टिक पाएगा। खैर जो भी हो लेकिन अभी तो कांग्रेस की तरफ से कोशिश हो रही है।

मध्यप्रदेश में अगर कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व के फार्मूले को देखें तो वो इसमें मंदिर से लेकर गो संरक्षण तक को शामिल कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के तुरंत बाद कमलनाथ ने मंदिरों में दौड़ लगाई थी। खबर ये भी है कि कांग्रेस राहुल गांधी को भी प्रदेश में मंदिर-मंदिर घुमाएगी और अब कांग्रेस के फार्मूले में 'गोशाला' नें एंट्री मारी है।
कमलनाथ का 'वचन'
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने राज्य की सभी 23,026 ग्राम पंचायतों में गोशाला बनाने का ऐलान किया है। कमलनाथ ने कहा है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो वो अपने इस 'वचन' को पूरा करेगी। पिछले दिनों कमलनाथ ने कहा था, "बीजेपी गोमाता को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीन पर करती कुछ नहीं। सैकड़ों गोमाता रोज मर रही हैं, लेकिन उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है। बीजेपी गोमाता के नाम पर सिर्फ राजनीति करती है। हम गोमाता को तड़पते हुए नहीं देख सकते."

शिवराज का 'गाय' प्रेम
राज्य की शिवराज सिंह चौहान की सरकार पहले ही गोरक्षा को लेकर कई कदम उठा चुकी है। सरकार ने गो-संवर्धन बोर्ड बनाया है और इसके अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि हैं। गिरी ने गोरक्षा के लिए हाल ही में अलग से मंत्रालय बनाने की भी मांग उठाई थी। अखिलेश्वरानंद गिरि ने कहा था कि प्रदेश में 545 गोशालाएं काम कर रही हैं और अब गो-अभ्यारण्य भी बनाए जाएंगे।

कांग्रेस को फायदे की उम्मीद
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व की अपनी इस रणनीति पर इसलिए आगे बढ़ रही है क्योंकि गुजरात विधानसभा चुनाव में भी उसे इसका फायदा मिला था। उसी तर्ज पर कांग्रेस को लगता है कि मध्यप्रदेश में भी उसका ये फार्मूला काम करेगा। माना जा रहा है कि चुनाव के नज़दीक आते-आते कांग्रेस कई और ऐसे ऐलान कर सकती है।

बीजेपी का पलटवार
बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के इस ऐलान को केवल राजनीतिक बयान भर कहा है और कहा है कि कांग्रेस को गायों की वास्तविक चिंता नहीं है। उधर मधु किश्वर ने कमलनाथ के इस ऐलान पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या कांग्रेस अब पूरी तरह से हिंदुत्व के एजेंड़े पर चल निकली है ?, राहुल गांधी मंदिर जाते हैं, जनेऊ पहनते हैं, कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर हैं, ये सभी छोटे-छोटे कदम थे, लेकिन अब ये बड़ा कदम है। उम्मीद है कि ये गायें बीफ माफिया को नहीं बेची जाएंगी।
अब देखना ये है कि कांग्रेस का ये दांव मध्यप्रदेश में उसके वनवास को खत्म करने में कितना कारगर साबित होता है। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि हर पंचायत में गोशाला बनाने का ये ऐलान हो सकता है कि मध्यप्रदेश के लिए कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में भी शामिल किया जाए।
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