खतरे में आई कमलनाथ सरकार का ये कदम बढ़ा सकता हैं भाजपा की मुश्किल!
Kamal Nath Government is Scouring The File Of BJP Gov Scams.मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार खंगाल रही भाजपा सरकार के घोटालों की फाइल, बढ़ेगी भाजपा की मुश्किल!
बेंगलुरु। मध्य प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है। 10 विधायकों के गुरुग्राम के एक होटल में आने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी जंग शुरु हो गई हैं। कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा सरकार को गिराने की कोशिश की जा रही है, वहीं भाजपा ने इसे नकार दिया है। ये हाई वोल्टेज ड्रामा मंगलवार आधी रात से ही जारी है।

वहीं सत्तारूढ़ दलों के विधायकों की खरीद-फरोख्त का समाचार मिलते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ काफी निश्चिंत नजर आ रहे थे लेकिन जैसे ही विधायक श्रीमती रामबाई का दिल्ली पहुंचने का मामला सामने आया मुख्यमंत्री गंभीर हो गए और उन्होंने एक बार फिर शिवराज सिंह शासनकाल में हुए घोटालों की फाइल मंगवाना शुरू कर दिया है।

कांग्रेस ने चुनाव के समय जारी की थी ये लिस्ट
बता दें मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने शिवराज सिंह शासनकाल के घोटालों की एक बड़ी सी लिस्ट जारी कि थी। लिस्ट जारी करते हुए कांग्रेस ने दावा किया था कि यदि कांग्रेस सत्ता में आई तो सभी घोटालों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी लोग जेल में होंगे। लेकिन सत्ता पर काबिज होने के बाद से कांग्रेस में मची अंदरुनी कलह के कारण इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सके।

शिवराज सिंह चौहान समेत उनके परिवार पर भी लगाया था ये आरोप
गौरतलब है कि चुनाव के समय कांग्रेस ने जो लिस्ट जारी की थी उसमें कई मंत्री भी शामिल है। कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार पर भी घोटालों में संलिप्त होने का आरोप लगाया था। माना जा रहा हैं कि सीएम कमलनाथ एक बाद एक भाजपा नेताओं की बखिया उधेड़ेगे।

कमलनाथ ने किया ये दावा
मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने हार्स ट्रेडिंग पर बयान दिया कि मैं दिग्विजय सिंह के बयान से पूरी तरह सहमत हूं। भाजपा डरी हुई हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में उनके 15 साल के शासनकाल में हुए घोटालों का मेरी सरकार में खुलासा होने के वाला हैं। विधायकों को पैसा ऑफर करने की बात पर कमलनाथ ने कहा कि मैं पूछता हूं कि इतना पैसा आया कहां से और अगर विधायकों को मुफ्त में पैसा मिल रहा है तो उन्हें ले लेना चाहिए।

भाजपा पर हैं ये आरोप
गौरतलब है कि काग्रेंस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों को पैसे से खरीदने की कोशिश कर रही है। दिग्विजस सिंह के आरोपों को सही बताते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को कहा कि वे "सच कह रहे थे"। हालांकि, उन्होंने अपनी सरकार की स्थिरता पर विश्वास व्यक्त जताया और कहा कि सरकार कोई खतरा नहीं है। वहीं कांग्रेस विधायक वैद्यनाथ कुश्वाहा ने भी दावा किया है कि शिवराज सिंह चौहान, नरोत्तम मिश्रा और नरेंद्र तोमर ने उन्हें 25 करोड़ रुपए का ऑफर किया था।

पिछली सरकार में हुए इन दो घोटालों पर 2019 में हुई कार्रवाई
गौरतलब हैं कि सरकार में आने से पहले कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में ई-टेंडरिंग और व्यापम समेत तमाम घोटालों की जांच कराने का ऐलान किया था। सत्ता पर काबिज होते ही उस पर अमल करते हुए इन दोनों मामलों में तबाड़तोड़ कार्रवाई हुई। दिसंबर 2019 में कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में मध्य प्रदेश में 2013 में हुए पुलिस भर्ती घोटाले (व्यापम) में दोषी पाए गए 31 लोगों में से 30 को साल साल की कैद और एक दोषी को 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। इन सभी आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत ने 21 नवंबर को दोषी करार दिया था। वहीं अप्रैल 2019 में राज्य सरकार की आर्थिक अपराध शाखा यानी इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने ई-टेंडरिंग घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी कथित तौर पर यह घोटाला शिवराज सरकार के समय हुआ था। इकोनॉमिक ऑफेंस विंग के डीजी के मुताबिक करीब 3 हज़ार करोड़ के ई-टेंडरिंग घोटाले में नई दिल्ली के कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। कांग्रेस का आरोप था कि घोटालों ने प्रदेश को दीमक की तरह चाट डाला था, इस केस में कई आधिकारियों को जेल भी हुई थी।












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