Kalpana Chawla Birthday:कल्पना चावला की जयंती आज, जाने अंतरिक्ष में कैसे हुई थी भयावह हादसे का शिकार
Kalpana Chawla birthday: डॉ. कल्पना चावला (भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री) थी। वह अन्तरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला थी। आज कल्पना चावला की जयंती है। सोशल मीडिया अकाउंट x पर उनका नाम ट्रेंड कर रहा है। स्कूल की किताबों में भी उनके बारे में पढ़ाया जाता है। उनकी जयंती पर जानेंगे अंतरिक्ष यात्रा के वक्त कैसे उनकी भयावह मौत हो गई थी।
कल्पना चावला की हौसले की उड़ान आसमान से भी ऊपर थी। वो भारतीय महिलाओं के लिए आदर्श हैं। जिसके ऊंचे सपने और हौसले ने उसे अंतरिक्ष तक पहुंचाया। उन्होंने अपना नाम भी खुद ही चुना। उनके बचपन का नाम मोंटू था। जब प्रिंसिपल ने उनकी मौसी से उनका नाम पुछा तो कल्पना की मौसी ने जवाब दिया कि उनके दिमाग में तीन नाम हैं - कल्पना, ज्योत्सना और सुनैना - लेकिन उन्होंने अभी तक फैसला नहीं किया है। इसलिए प्रिंसिपल ने छोटी लड़की से पूछा कि उसे कौन सा नाम सबसे अच्छा लगता है तो उसने जवाब दिया, "कल्पना। क्योंकि इसका मतलब कल्पना है।

कल्पना चावला का जन्म हरियाणा के करनाल में हुआ था
कल्पना चावला का जन्म भारत के हरियाणा राज्य के करनाल में हुआ था। उनका जन्म 17 मार्च सन् 1962 में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री बनारसी लाल चावला और माता का नाम संजयोती देवी था। वह अपने परिवार के चार भाई बहनो में सबसे छोटी थी। कल्पना को घर में सब उसे प्यार से मोंटू कहते थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा टैगोर पब्लिक स्कूल करनाल से प्राप्त की।
आगे की शिक्षा वैमानिक अभियान्त्रिकी में पंजाब इंजिनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़, भारत से करते हुए 1982 में अभियांत्रिकी स्नातक की उपाधि प्राप्त की। वे संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए 1982 में चली गईं और 1984 वैमानिक अभियान्त्रिकी में विज्ञान निष्णात की उपाधि टेक्सास विश्वविद्यालय आर्लिंगटन से प्राप्त की। अन्तरिक्ष यात्री बनने से पहले वो सुप्रसिद्ध नासा कि वैज्ञानिक थी।
1 फरवरी 2003 को हुई थी दुर्घटना
1 फरवरी 2003 का दिन पूरे विश्व के लिए शोक का दिन था। इसी दिन कोलंबिया स्पेस शटल के दुर्घटनाग्रस्त होने से 7 अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई थी। इन सात अंतरिक्ष यात्रियों में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला भी थीं। कोलंबिया अन्तरिक्ष यान आपदा में मारे गए सात यात्रियों में डॉ कल्पना चावला (भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री) कर्नल रिक हसबैंड (कमांडर), कमांडर विलियम मैककूल, लेफ्टिनेंट कर्नल माइकल एंडरसन, कैप्टन डेविड ब्राउन, कमांडर लाहौल क्लार्क और इजरायली कर्नल इलन रेमन शामिल थे।
7 अंतरिक्ष यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई
सबसे पहले कल्पना चावला 1997 में स्पेस शटल कोलंबिया के STS-87 मिशन का हिस्सा बनीं और अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इसके बाद 2003 में वह STS-107 मिशन पर गईं। यह 16 दिनों का मिशन था जो वैज्ञानिक अनुसंधान पर केंद्रित था। इन 16 दिनों में कई महत्वपूर्ण प्रयोग किए गए। लेकिन 1 फरवरी, 2003 को पृथ्वी पर लौटते समय स्पेस शटल कोलंबिया वायुमंडल में प्रवेश करते ही टूटकर बिखर गया, जिसमें कल्पना चावला समेत सभी 7 अंतरिक्ष यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई।
अंतरिक्ष यात्रियों ने 16 दिन तक अंतरिक्ष में 80 से अधिक विज्ञान प्रयोग किए। लेकिन लैंडिंग से ठीक 16 मिनट पहले शटल दुर्घटनाग्रस्त होने से सारे अतरिक्ष यात्रियों की जान चली गई। इसकी जांच में पता चला कि कोलंबिया शटल के बाहरी हिस्से से एक फोम का बड़ा टुकड़ा टूट गया था जिसकी वजह से स्पेसशिप की विंग भी टूट गई थी। इसी विंग में हुए छेद की वजह से बाहर की गैसें अंतरिक्षयान के अंदर तेजी से भरने लगीं। जिसके कारण सभी सेंसर खराब हो गए और आखिरी में कोलंबिया शटल सभी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ नष्ट हो गया।
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NASA ने भारत की पहली अंतरिक्ष यात्री के सम्मान में स्पेस क्राफ्ट को S.S. कल्पना चावला नाम दिया था। हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, सरकार द्वारा कुरुक्षेत्र-पेहोवा रोड (ज्योतिसार तीर्थ के पास) में कल्पना चावला मेमोरियल प्लेनेटरीयम स्थापित किया गया है। भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री डॉ कल्पना चावला की याद में इसे बनाया गया है। 6.50 करोड़ की लागत से तारामंडल को 5 एकड़ भूमि में बनाया गया है। पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र है।












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