'Jyoti Malhotra को फांसी' कहने वाले वकील AP सिंह से पूछ रहे लोग सीमा हैदर का क्या होगा?-VIDEO
Jyoti Malhotra Death Penalty Punishment: यूट्यूबर से कथित ISI जासूस बनी ज्योति मल्होत्रा पर बहस अब सिर्फ कानून तक सीमित नहीं रही, ये मुद्दा अब पब्लिक सेंटिमेंट और दोहरे मापदंड की चर्चा में तब्दील हो चुका है। 15 मई को गिरफ्तारी, 17 मई को 5 दिनी रिमांड और फिर NIA की दो दिन की पूछताछ...6 दिन के इस चक्र में कई ऐसे खुलासे हुए, जो उसको देशद्रोही के रूप में पेश कर रहे हैं। ऐसे में अब सवाल उठता है - क्या उसे फांसी हो सकती है? इस पर सुप्रीम कोर्ट के वकील डॉ एपी सिंह ने Oneindia Hindi को एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में अहम जानकारी दी।
डॉ एपी सिंह ने कहा, 'ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि कोई भी व्लॉगर दोबारा इस तरह की गद्दारी करने की हिम्मत न करे। पाकिस्तान, जो खुद एक भिखारी मुल्क है, वहां उसे(ज्योति) फाइव स्टार होटल में ठहराया जा रहा था। सेल्फी स्टिक लेकर घूम रही थी, चार-चार पाकिस्तानी एजेंट, पुलिस साथ थे। क्या ये केवल ट्रैवल व्लॉगिंग थी?'

किस कानून के तहत क्या सजा संभव?
एपी सिंह ने बताया कि धारा 121A और 152 जैसे धाराओं में देशद्रोह और युद्धकालीन जासूसी का मामला बनता है। यह केवल स्पाइंग नहीं, बल्कि युद्धकाल में राष्ट्र के खिलाफ साजिश है। कानूनन इसमें अधिकतम सजा फांसी हो सकती है। ये केवल व्लॉगिंग नहीं, एक प्लान्ड साजिश थी।
आगे वकील ने सवालिया अंदाज में कहा कि कोई भी आम आदमी भारत का आधार, वोटर ID, नागरिकता प्रमाणपत्र लेकर कंटोनमेंट एरिया में घुस सकता है? ये क्या सामान्य नागरिक करता है? नहीं! ये तो गहरी साजिश थी। उन्होंने आगे कहा कि ज्योति पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ के रिश्तेदार मरियम नवाज के सरकारी कार्यक्रम में दिखती है, चार-चार सुरक्षाकर्मियों के साथ फाइव स्टार होटलों में ठहरती है, और ये सब कुछ केवल 'व्लॉगिंग' के नाम पर?
'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग हुआ'
एपी सिंह ने कहा कि व्लॉगिंग और फ्री स्पीच की आड़ में यह देश के साथ विश्वासघात था। उन्होंने हरियाणा पुलिस और सरकार की सख्ती की तारीफ की और कहा कि अब अभिभावकों को भी जागरूक होना पड़ेगा। अगर आपकी औकात बस की टिकट की नहीं, लेकिन बच्चा विदेश घूम रहा है, तो आप आंख क्यों बंद किए हैं?
पाकिस्तान एंबेसी के अंदर शूटिंग?
एपी सिंह ने खुलासा किया कि ज्योति पाकिस्तान एंबेसी में गई, वीडियो बनाए, तस्वीरें लीं - ये सब बिना विशेष दर्जे के कैसे संभव था? उन्होंने आरोप लगाया कि ज्योति वहां 'अधिकारी की भूमिका में' प्रयोग की जा रही थी। हो सकता है कि पुलवामा जैसे हमले में भी उसकी संदिग्ध भूमिका रही हो।
क्या ज्योति को हो सकती है फांसी?
वकील एपी सिंह ने बताया कि 152 जैसी धाराओं में, अगर यह साबित हो जाए कि उसने युद्धकालीन जासूसी और देशद्रोह किया है, तो फांसी की सजा भी संभव है। यह केस 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' नहीं, 'आस्तीन के सांपों को सजा दो' वाला बन गया है।
क्या है धारा 121A?
अगर कोई व्यक्ति भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की या उसे उखाड़ फेंकने की साजिश रचता है, भले ही युद्ध शुरू हुआ हो या नहीं, तो उस पर धारा 121A लगती है। इसमें आजीवन कारावास, 10 साल तक की कठोर कैद, साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह अपराध अजमानतीय है।
क्या है धारा 152?
अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी कर्मचारी को (जैसे कि पुलिस, मजिस्ट्रेट) दंगा रोकने या कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान हमला करता है, धमकाता है, या उसके कार्य में बाधा डालता है, तो उस पर यह धारा लगती है। इसमें 3 साल तक की कैद, जुर्माना, या दोनों हो सकता है। यह अपराध जमानती है।
यहां देखें पूरा VIDEO-
Who is AP Singh: कौन हैं एपी सिंह?
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एपी सिंह कई हाई प्रोफाइल मामलों के लिए जाने जाते हैं-
- हाथरस गैंगरेप केस में अभियुक्तों की पैरवी
- सीमा हैदर केस में पाकिस्तान से आए महिला के पक्ष में कोर्ट में अपील
AP सिंह के ज्ञान पर भारी पड़ी सीमा हैदर की पैरवी
AP सिंह के बयान पर जनता बंट गई-
- सुनील कुमार पाल: 'एपी सिंह, सीमा हैदर के बारे में क्या कहना है?'
- Sunita: 'सीमा नागिन को यहां बना रखा है, ज्योति को फांसी मांग रहे हैं!'
- राजीव कुमार झा: 'सीमा को तो सुरक्षा देने की बात करते हैं और ज्योति को फांसी? ये दोहरा रवैया क्यों?'
- दिनेश ने कमेंट किया: 'ज्योति को फांसी दो कहने वाले सीमा को क्यों बचा रहे हैं ये बात हजम नहीं हुई?'












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