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अयोध्या जैसे तनावपूर्ण मसले पर पूछा गया सवाल, जस्टिस बोबडे ने दिया ये जवाब

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नई दिल्ली। दशकों से लंबित और राजनीतिक रूप से संवेदनशील अयोध्या मामले पर फैसला सुनाने वाली सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ का हिस्सा रहे जस्टिस एसए बोबडे अपने काम के कारण कभी तनाव में नहीं आते हैं। देश के अगले मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे बोबडे ने कहा कि वह सीट से उठते ही किसी भी मसले से जुड़े तनाव को भुला देते हैं।

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बता दें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई के सेवानिवृत होने के बाद जस्टिस बोबडे सुप्रीम कोर्ट के 47वें सीजेआई बनेंगे। बोबडे ने तनाव भुला देने वाली बात तब कही जब उनसे अयोध्या जैसे तनावपूर्ण मसलों की सुनवाई के चलते जजों पर आने वाले दबाव के बारे में पूछा गया। 63 साल के बोबडे कहते हैं कि उन्हें तनावमुक्त होने के लिए ज्यादा कुछ नहीं करना पड़ता है। उनका कहना है, मैं जैसे ही सीट से उठता हूं, तो सबकुछ (तनाव) भूल जाता हूं। बस भुला देता हूं।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार से सिफारिश की थी कि अगला सीजेआई शरद अरविंद बोबडे को बनाया जाए। वर्तमान में वह सुप्रीम कोर्ट में जज हैं।

कौन हैं शरद अरविंद बोबडे?

कौन हैं शरद अरविंद बोबडे?

शरद अरविंद बोबडे मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उनका जन्म 24 अप्रैल, 1956 में नागपुर में हुआ था। उनका परिवार भी वकालत से जुड़ा रहा है। बोबडे के पिता अरविंद श्रीनिवास बोबडे महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल रह चुके हैं। शरद अरविंद बोबडे ने नागपुर विश्वविद्यालय से बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है। वर्तमान में वह सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठ जज हैं।

बोबडे 29 मार्च, साल 2000 में अपर न्यायाधीश के रूप में बॉम्बे हाई कोर्ट की खंडपीठ का हिस्सा बने थे। इसके बाद 16 अक्टूबर, साल 2012 में वह मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। उन्हें 12 अप्रैल, 2013 को देश के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। इस पद पर उनका कार्यकाल 23 अप्रैल, 2021 में समाप्त हो जाएगा।

रंजन गोगोई ने नाम की सिफारिश की

रंजन गोगोई ने नाम की सिफारिश की

परंपरा के मुताबिक, वर्तमान मुख्य न्यायाधीश ही अगले सीजेआई ने नाम की सिफारिश करते हैं। सीजेआई रंजन गोगोई का कार्यकाल 17 नवंबर 2019 को खत्म हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर नए चीफ जस्टिस के लिए न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे का नाम प्रस्तावित किया है।

पांच जजों की पीठ ने फैसला सुनाया

पांच जजों की पीठ ने फैसला सुनाया

रंजन गोगोई ने भारत के 46वें सीजेआई के रूप में 3 अक्टूबर 2018 को शपथ ली थी। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने 40 दिनों तक अयोध्या मामले पर सुनवाई की। शनिवार को अयोध्या पर ऐतिहासिक फैसला आया है। इस पीठ में एसए बोबडे भी थे।

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English summary
Justice Sharad Arvind Bobde says it doesn't take much for him to de-stress.
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