Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

इंदिरा गांधी को झुकने पर किया था मजबूर, हिंदी के लिए 13 की उम्र में जेल, जानें वेद प्रताप वैदिक का पूरा सफर

Ved Pratap Vaidik Journey: 30 दिसंबर 1944 को जन्मे डॉ. वैदिक हमेशा प्रथम श्रेणी के छात्र रहे थे। उन्हें पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया था। वह रूसी, फारसी, अंग्रेजी समेत कई भाषाओं के जानकार थे।

Ved Pratap Vaidik

Ved Pratap Vaidik Jorney: वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेद प्रताप वैदिक (Ved Pratap Vaidik ) का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे। रिपोर्ट के मुताबिक वह अपने घर में बाथरूम में फिसल गए थे जहां उन्हें एम्बुलेंस द्वारा गुरुग्राम के एक अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां उनका निधन हो गया। उनके निधन पर कई दिग्गज नेताओं ने शोक जताया। वेद प्रताप देश के साथ-साथ विदेश में भी अपनी पत्रकारिता के लिए प्रसिद्ध थे। हालांकि, अपने पूरे जीवन में अक्सर विवादों में ही घिरे रहे। कभी आतंकी हाफिज सईद का इंटरव्यू तो कभी संसद के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करना। आइए जानते हैं वेद प्रताप वैदिक(Ved Pratap Vaidik) का पूरा सफर...

1944 में मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्म
वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रताप वैदिक(Ved Pratap Vaidik) का जन्म 30 दिसंबर 1944 को मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ था। बचपन से ही उनके मन में कई भाषाओं को सीखने की जिज्ञासा थी। उन्होंने कम उम्र में ही रुसी, फारसी, जर्मन और संस्कृत जैसी भाषाओं पर पकड़ बना ली थी।

केवल 13 साल की उम्र में गए जेल
वेद प्रताप वैदिक ने 1957 में सिर्फ 13 साल की उम्र में हिंदी भाषा के सत्याग्रह कर दिया और सरकार के विरोध में खूब नारेबाजी की थी जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा था।

14 साल की उम्र में ही पत्रकारिता से जुड़े
वेद प्रताप वैदिक(Ved Pratap Vaidik) केवल 14 साल की उम्र में पत्रकारिता से जुड़ गए वेद प्रताप वैदिक प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के हिंदी समाचार प्रकाशन भाषा के संस्थापक संपादक और जाने-माने स्तंभकार होने के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषक भी थे।

उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय में दाखिला लिया, जहां उन्होंने अफगान अंतरराष्ट्रीय मामलों का अध्ययन और जांच की। उनके पास मॉस्को के इंस्टीट्यूट ऑफ पीपल ऑफ एशिया और लंदन के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज की डिग्री भी थी।

इंदिरा गांधी का झुकने को किया था मजबूर
उन्होंने जेएनयू में पीएचडी के दौरान इंदिरा गांधी का झुकने के लिए मजबूर कर दिया था। दरअसल, वेद प्रताप वैदिक ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर अपना शोध ग्रंथ हिंदी में लिखा था इस वजह से जेएनयू (JNU) के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज ने उनकी छात्रवृत्ति रोक दी और कॉलेज से बाहर कर दिया था। जिसके बाद इस मुद्दे पर संसद में जमकर हंगामा हुआ था। फिर आखिर में उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को झुकने पर मजबूर कर दिया था। फिर इंदिरा गांधी ने JNU के नियमों में बदलाव किया और उन्हें वापस लिया गया।

आतंकवादी हाफीज सईद का साक्षात्कार
वैदिक 2014 में 26/11 के आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का साक्षात्कार करने के लिए पाकिस्तान गए थे। उनके इस दौरे ने काफी विवाद खड़ा किया था और यह मुद्दा संसद में भी उठा था। उनपर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की बात कही गई थी।

वैदिक ने पत्रकार के रूप में 80 देशों का दौरा किया
डॉ वैदिक एक व्यापक रूप से यात्रा करने वाले पत्रकार थे। उन्होंने विभिन्न मिशनों पर 80 से अधिक देशों का दौरा किया है। डॉ. वैदिक ने शैक्षणिक और पत्रकारिता उत्कृष्टता के लिए एक दर्जन से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीते थे। वह भारत सरकार की कई सलाहकार समितियों के सदस्य रहे थे।

वैदिक ने संसद पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था
हाफिज सईद के साक्षात्कार पर जब सांसदों ने उनकी गिरफ्तारी की बात की थी तब उन्होंने कहा था कि मुझे किसी ने कहा कि दो सांसदों ने मेरी गिरफ्तारी की मांग की है। दो नहीं अगर 543 सांसद भी सर्वकुमति से मेरी गिरफ्तारी का प्रस्ताव पारित करें और कहें कि डॉ वैदिक को गिरफ्तार करो तो मैं पूरी संसद पर थूकता हूं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+