JNU Violence: अखिलेश यादव का हमला, बोले- हिंसा और नफरत से समाज को बांटना चाहती है BJP
नई दिल्ली। देश की प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने कई छात्रों की पिटाई की। रविवार शाम को नकाबपोश बदमाशों ने जेएनयू परिसर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। इस हमले में छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष और कई शिक्षक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं, जेएनयू में हुए इस बवाल पर राजनीतिक दलों की तरफ से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने जेएनयू में मारपीट की घटना को लेकर बीजेपी को आड़े हाथों लिया है।
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अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि JNU में जिस तरह नकाबपोश अपराधियों ने छात्रों और अध्यापकों पर हिंसक हमला किया है वो बेहद निंदनीय है। अखिलेश यादव ने इस मामले की तत्काल उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने बीजेपी और एबीवीपी पर निशाना साधते हुए एक और ट्वीट किया। सपा प्रमुख ने लिखा, 'JNU में शिक्षकों और छात्रों पर नकाबपोश बदमाशों द्वारा हमला ये दिखाता है कि सरकार किस कदर डर का माहौल बनाकर शासन करना चाहती है। भाजपा समाज का ध्रुवीकरण करने के लिए हिंसा और नफरत का इस्तेमाल कर रही है।'
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में घायल 20 छात्रों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। लेफ्ट के छात्रों का कहना है कि ABVP के सदस्यों ने कैंपस में छात्रों और शिक्षकों की पिटाई की है। जबकि ABVP ने भी आरोप लगाते हुए कहा है कि लेफ्ट ग्रुप के छात्रों ने मारपीट की जिसमें एबीवीपी के कई छात्र घायल हुए हैं।
वहीं, जेएनयू में नकाबपोश बदमाशों के इस हमले के बाद विश्वविद्यालय के बाहर छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई। लेफ्ट और एबीवीपी के छात्रों का जमावड़ा लग गया, जिसको कंट्रोल करने के लिए दिल्ली पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जेएनयू मामले को लेकर देश भर के कई विश्वविद्यालयों में देर रात प्रदर्शन हुए। वहीं, पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि हमें JNU की हिंसा पर कई शिकायतें मिली हैं जिनपर हम जांच शुरू करेंगे।












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