'समय मिलता तो और काम करता', ये कहने वाले झारखंड के EX-CM चंपई सोरेन ने अपने कार्यकाल में कौन-कौन से फैसले लिए?
Champai Soren News: झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद झामुमो (JMM) नेता चंपई सोरेन का दर्द छलका है। झारखंड के एक्स सीएम चंपई सोरेन ने इस्तीफा देने के बाद पहली बार कहा कि, ''अगर उनके पास थोड़ा और समय होता तो वे राज्य के विकास के लिए और काम करते।'
अपने पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र सरायकेला पहुंचे चंपई सोरेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "जो व्यक्ति काम करना चाहता है उसकी सारी इच्छाएं कभी पूरी नहीं होतीं। मैंने मुख्यमंत्री के तौर पर अच्छा काम करने की कोशिश की। हमने सभी जातियों और समुदायों के लोगों के लिए कई योजनाएं लाईं। मैं कम समय में जो काम कर पाया, उससे संतुष्ट हूं। अगर समय मिलता तो और काम करता।''

ये भी पढ़ें- हेमंत सोरेन के दोबारा सीएम बनने पर बीजेपी झारखंड में क्यों देख रही है मौका?
चंपई सोरेन के इस बयान के बाद लोगों में इस बात को जानने की उत्सुकता है कि चंपई सोरेन ने अपने पांच महीने के कार्याकाल में आखिर क्या-क्या काम किए हैं? तो चलिए आपको बताते हैं कि 2 फरवरी 2024 से 4 जुलाई 2024 तक अपने पांच महीने के कार्यकाल में चंपई सोरेन ने क्या-क्या प्रमुख फैसले लिए हैं?
झारखंड के EX-CM चंपई सोरेन ने अपने कार्यकाल में कौन-कौन से प्रमुख फैसले लिए हैं?
• 21-50 साल की महिलाओं को एक हजार रुपये पेंशन देने की योजना
• सभी घरों में 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा
• 33 लाख गरीबों को 15 लाख तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने की घोषणा
• 40 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था।
• युवाओं को 25 लाख के लोन पर 40 फीसदी सब्सिडी देने की घोषणा
• स्थानीय कंपनियों में 85 फीसदी नौकरियां आदिवासी-मूलवासियों को देने की घोषणा
• 40 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली

ये भी पढे़ं- झारखंड के 24 साल: ना मरांडी, ना सोरेन, 13 CM में सिर्फ एक ही CM ने पूरा किया कार्यकाल, जानिए कौन हैं वो?
चंपई सोरेन ने भी गिनाए अपने कई जन कल्याणकारी योजनाओं का नाम
झामुमो नेता चंपई सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने करीब पांच महीने के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई कई जन कल्याणकारी योजनाओं का नाम लिया है। चंपई सोरेन ने कहा कि शिक्षक बहाली, पुलिस विभाग में भर्ती, जनजातीय भाषाओं पर आधारित शिक्षकों की भर्ती और मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य बीमा योजना जैसी कई जनकल्याणकारी योजनाएं हमने शुरू की है।
चंपई सोरेन ने यह भी कहा है कि उन्होंने अपने गृह जिला सरायकेला में लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में डिग्री कालेज की मांग को देखते हुए दो नए डिग्री कालेज खोलने का भी ऐलान किया है।

उन्होंने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद जिस तरह से विकास होना चाहिए था, वैसा नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा, "पार्टी और संगठन में जो भी फैसला लिया जाएगा, उसे स्वीकार करना होगा। मेरे बारे में जो भी फैसला लिया गया है, मैं उसके अनुसार काम करूंगा। चाहे मैं पद पर रहूं या नहीं, मैं जनता की सेवा करता रहूंगा।"
हेमंत सोरेन के जमानत पर रिहा होने और पार्टी द्वारा उन्हें फिर से बहाल करने के फैसले के बाद चंपई सोरेन ने 3 जुलाई को इस्तीफा दे दिया। कथित तौर पर उन्हें झारखंड में आगामी विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने की चिंता थी।
ये भी पढ़ें- Jharkhand Politics: क्यों गई चंपई सोरेन की कुर्सी, स्वाभाविक परिवर्तन या कुछ और! आगे हो सकता है कोई खेल?












Click it and Unblock the Notifications