कोटा से छात्रों को वापस लाने पर नाराज हेमंत सोरेन ने पीएम मोदी को किया फोन, बोले- एक देश में दो तरह के कानून क्यों?
नई दिल्ली। पूरे देश में कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन है, ऐसे में जो जहां है वहीं पर रुका हुआ है। लेकिन जिस तरह से उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राजस्थान के कोटा में फंसे यूपी के छात्रों की घर वापसी के लिए बसें भेजी उसका अब विरोध हो रहा है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन करके अपनी आपत्ति जताई। सोरेन ने प्रधानमंत्री को फोन करके एक देश में दो तरह के कानून पर अपना विरोध जताया। बता दें कि केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद पांच राज्य अपने प्रदेश के बच्चों को कोटा से वापस लाने का प्रबंध कर रहे हैं।

पांच राज्य अपने छात्रों को लाएंगे वापस
उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही अपने छात्रों को बस से वापस ला चुकी है। मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, छत्तीसगढ़ और असम भी राजस्थान में फंसे अपने छात्रों को वापस लाने की तैयारी कर रही है। इस बाबत राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी जानकारी दी है। सोरेन ने कहा कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से राजस्थान छात्रों को लाने के लिए बसें भेजी उसके बाद इसी तरह की मांग झारखंड में भी लोग कर रहे हैं। हमे माता-पिता से इस तरह के कॉल आ रहे हैं, जो हमसे इस बात की शिकायत कर रहे हैं कि आप इस तरह के इंतजाम क्यों नहीं कर रहे हैं।

नीतीश कुमार ने भी किया विरोध
इससे पहले सोरेन की ही तरह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी छात्रों को वापस लाने के फैसले का विरोध किया था, उन्होंने कहा था कि सैकड़ों छात्रों को कोटा से वापस उनके गृह राज्य में भेजे जाने से लॉकडाउन सफल नहीं होगा। नीतीश कुमार ने कहा कि वह इस फैसले का समर्थन नहीं कर सकते हैं क्योंकि इससे बिहार के जो छात्र अन्य राज्यों में रह रहे हैं उनमे असंतोष बढ़ेगा। जिस तरह से छात्रों को लाने के लिए विशेष बसों का इंतजाम किया गया वह लॉकडाउन के नियमों के खिलाफ है और यह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तर्क से तो अ्य राज्यों में फंसे मजदूरों को भी उनके गांव वापस लाना चाहिए, इन्हें भी घर जाने की इजाजत होनी चाहिए।

क्या है देशभर का हाल
बता दें कि कोरोना वायरस के चलते देश को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। इसे रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है। रेड जोन का मतलब है जहां देश के 80 फीसदी मामले हैं, या राज्य के 80 फीसदी मामले हैं और जहां पर संक्रमण के दोगुने होने की दर 4 दिन से कम है। मौजूदा समय में 321 जिले ऐसे हैं जहां पर संक्रमण के एक भी मामले नहीं हैं। 77 जिलों में पिछले 7 दिनों में एक भी मामला सामने नहीं आया है, 62 जिलोलं में 14 दिनों में एक भी मामला सामने नहीं आया है, 17 जिलों में 21 दिनों में एक भी मामला सामने नहीं आया है, 3 जिलों में पिछले 28 दिनों में एक भी मामला सामने नहीं आया है।
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