Jharkhand Chunav: झारखंड में अपनी 'सात गारंटियों' पर क्यों घिर रहा है INDIA bloc?
Jharkhand Chunav 2024: कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कुछ दिन पहले ही चुनावों के दौरान पार्टी को अनर्गल लोक-लुभावन वादों से परहेज करने की सलाह दी थी। कांग्रेस पार्टी को खासकर कर्नाटक में दी गई चुनावी गारंटियों की वजह से कई बार जिस तरह से राजनीतिक तौर पर फजीहत झेलनी पड़ी है, उससे लग रहा था कि पार्टी अब सोच-समझकर वादों का पिटारा खोलेगी। लेकिन, झारखंड में इंडिया ब्लॉक ने मतदाताओं को जिस तरह के चुनावी सपने दिखाए हैं, उससे खड़गे की सारी चिंता पूरी तरह से हवा-हवाई हो गई है।
यही वजह है कि विपक्षी बीजेपी ने जेएमएम की अगुवाई वाले इंडिया ब्लॉक को उसकी चुनावी गारंटियों पर आईना दिखाने की कोशिश की है। भाजपा की ओर से यह मोर्चा केंद्रीय कृषि मंत्री और झारखंड में बीजेपी के चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने खोला है। उन्होंने कहा है कि पिछले विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस और जेएमएम ने ऐसे ही बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन एक को भी पूरा नहीं किया।

इंडिया ब्लॉक ने पिछले चुनावों के एक भी वादे नहीं पूरे किए- शिवराज
शिवराज सिंह चौहान ने कहा है, 'उन्होंने (पिछले चुनावों में जेएमएम और कांग्रेस ने) पांच लाख सरकारी नौकरियां देने की बात कही थी। नहीं दी। उन्होंने चूल्हा-खर्च के लिए 2,000 रुपए महीना देने का वादा किया था। नहीं दी। वे चुनाव से ठीक दो महीने पहले 1,000 रुपए देने की योजना लेकर आए। उन्होंने बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। नहीं दी।'
झारखंड में इंडिया ब्लॉक की 7 गारंटियां क्या है?
मंगलवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में सत्ताधारी इंडिया ब्लॉक ने जो घोषणापत्र जारी किए हैं, उनमें मतदाताओं से सात गारंटियां पूरी करने का वादा किया गया है। इन गारंटियों में हर परिवार को 450 रुपए में एलपीजी सिलेंडर, प्रति व्यक्ति 7 किलो मुफ्त राशन देने का वादा शामिल है।
इनके अलावा 1932 के खतियान के आधार पर नीतियां बनाने और सरना कोड लागू करने का भी वादा किया गया है। साथ ही महिलाओं को मैया सम्मान योजना के तहत 2,500 रुपए हर महीने देने की बात कही गई है।
वादों के पिटारों में अनुसूचित जनजातियों (ST) को 28%, अनुसूचित जातियों (SC) को 12% और ओबीसी को 27% आरक्षण देने के साथ-साथ 10 लाख लोगों को नौकरी और 15 लाख रुपए तक स्वास्थ्य बीमा देने की बात कही गई है।
इसके साथ ही हर ब्लॉक में डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेज और हर जिला मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलने का भी दावा किया गया है। धान के लिए 3,200 एमएसपी देने और अन्य कृष उत्पादों की एमएसपी में 50% की बढ़ोतरी का भी वादा शामिल है।
बीजेपी ने जेएमएम-कांग्रेस को एक-एक करके गिनाए उसके पुराने वादे
जबकि, मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम का कहना है कि ये वही पार्टियां हैं, जो पहले धान के लिए एमएसपी के अलावा बोनस देकर खरीदने का वादा किया था, लेकिन वह भी नहीं दिया गया।
शिवराज ने कहा, ' (पिछले चुनावों में) जेएमएम ने 117 वादे किए थे और कांग्रेस ने 344 वादे। पिछले पांच वर्षों में उनमें से एक भी नहीं पूरे किए गए और अब वे नए वादों के साथ आए हैं। ये गारंटियां बेकार बमों की तरह हैं, जो कभी नहीं फूटते और लोगों का इनमें कोई भरोसा नहीं रह गया है।'
जब उनसे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें वे जाति जनगणना के बाद आरक्षण की 50% सीमा को तोड़ने का बयान दे चुके हैं तो उन्होंने कहा, 'विदेश में राहुल गांधी ने यह भी कहा है कि जब समय आएगा तो वे आरक्षण खत्म कर देंगे। उनकी किन बातों पर विश्वास किया जाना चाहिए?' (इनपुट-एजेंसियां)












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