जेट एयरवेज बंद कर सकती है अपनी सभी उड़ानें, सरकार ने किराया कम करने को कहा

नई दिल्ली। आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही सरकारी विमान कंपनी जेट एयरवेज की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को कंपनी के मैनेजमैंट ने आपातकाल आर्थिक मदद की मांग की है। कंपनी की ओर से 400 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद की गुहार लगाई गई है, ऐसे में अगर कंपनी को यह आर्थिक मदद नहीं मुहैया कराई जाती है तो जेट को अपनी सभी उड़ानों को रद्द करना पड़ेगा। उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने जेट एयरवेज से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की बात कही है, जिसमे बढ़ते किराए और विमानों की उड़ान को रद्द किए जाने का मुद्दा शामिल है।

कम करें किराया

कम करें किराया

सुरेश प्रभु ने ट्वीट करके लिखा है कि उन्होंने जेट एयरवेज से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए उड्डयन मंत्रालय के सचिव को निर्देशित किया है, जिसमे मुख्य रूप से अन्य विमान कंपनियों की तुलना में जेट एयरवेज का बढ़ता किराया, विमानों की उड़ान को रद्द किए जाने का मामला शामिल है। समीक्षा के बाद जेट एयरवेज को निर्देश दिया गया है कि वह 10 रूट में उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स का किराया कम करे। लेकिन अभी भी यह सवाल बरकरार है कि क्या आने वाले समय में जेट को आर्थिक मदद दी जाएगी। सूत्रों की मानें तो बैंको ने जेट को और पैसे देने से इनकार कर दिया है।

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पैसे देने से कतरा रहे बैंक

बैंक के दो बड़े अधिकारियों ने बताया कि बैंक जेट एयरवेज की मदद करना चाहते हैं, बशर्ते जेट के प्रमोटर इस बात की पुष्टि करें और पुख्ता रास्ता बताएं कि वह कैसे इस पैसे को वापस लौटाएंगे। बता दें कि जेट के प्रमोटर्स में एतिहाद एयरलाइंस भी शामिल है, जिसका 24 फीसदी शेयर जेट एयरलाइंस में है। साथ ही बैंक ये भी चाहते हैं कि इस पूरे मामले में सरकार भी हस्तक्षेप करे।

सरकार करे हस्तक्षेप

सरकार करे हस्तक्षेप

एक अन्य बैंक अधिकारी ने बताया कि इस मसले को सुलझाने के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए। अलग से बैठक करने की बजाए सरकार को सभी पक्षों के साथ एक साथ बैठकर बात करनी चाहिए। यह मुश्किल काम नहीं है। पंजाब नेशनल लबैंक के एमडी सुनील मेहता का कहना है कि जेट को कर्ज देने वाले यह चाहते हैं कि जेट मुश्किलों से बाहर आए। एसबीआई और एसबीआई कैपिटल जेट के लिए पैकेज पर काम कर रहे हैं, लेकिन अभी इसपर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

बिक सकता है जेट

बिक सकता है जेट

गौरतलब है कि जेट के प्रमोटर नरेश गोयल पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। जानकारी के अनुसार जेट के प्रमोटर एतिहाद और टीपीजी कैपिटल नरेश गोयल के खिलाफ थे। जिन बैंकों ने जेट को कर्ज दिया है उन्होंने जेट की 32.1 फीसदी से 75 फीसदी तक की हिस्सेदारी को बेचने का प्रस्ताव दिया है, जिससे कि उनका कर्ज वापस मिल सके। बैंकों का 8400 करोड़ रुपए जेट पर कर्च है।

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