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वे तीन हत्याकांड जिनसे दहल उठी थी दिल्ली, अब इन हत्यारों की हो सकती है रिहाई

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा प्रियदर्शिनी मट्टू के 1996 के रेप और मर्डर के दोषी संतोष सिंह का नाम उस लिस्ट में शामिल किया गया है। जिसमें अच्छे व्यवहार के चलते उसे समय से पहले रिहा किया जा सकता है। सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) गुरुवार को इस मामले पर बैठक करने वाला है। जिसमें कई कैदियों की समय से पहले रिहाई का फैसला लिया जाएगा। इस लिस्ट में संतोष सिंह के अलावा जेसिका लाल हत्या के आरोपी मुन शर्मा और नैना सहानी तंदूर केस के दोषी सुशील शर्मा के नाम भी शामिल हैं।

तीनों दोषी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं

तीनों दोषी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं

हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, 24 जून में एसआरबी की बैठक के दौरान भी संतोष सिंह और मनु शर्मा का नाम इस लिस्ट में शामिल किया गया था लेकिन बोर्ड ने इन नामों पर विचार करने के लिए सुनवाई को स्थगित कर दिया था। संतोष सिंह 2006 से जेल में बंद है। उसे दिल्ली हाईकोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद 2010 में हाईकोर्ट ने उसकी सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।

 2006 में दोषी ठहराए गए मनु शर्म को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी

2006 में दोषी ठहराए गए मनु शर्म को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी

वहीं मॉडल जेसिका लाल हत्याकांड में 2006 में दोषी ठहराए गए मनु शर्म को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। नैना साहनी तंदूर मर्डर केस में कोर्ट में सुनील शर्मा को 2006 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। ये सभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं। बता दें कि, 28 जुलाई को दिल्ली सरकार के सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) ने तिहाड़ जेल में बंद जेसिका लाल हत्याकांड के दोषी मनु शर्मा की रिहाई पर फैसला टाल दिया था। इसमें तंदूर हत्याकांड के दोषी सुशील शर्मा की भी अर्जी शामिल थी। बोर्ड के एक सदस्य ने बताया था कि रिहाई की अर्जियों पर फैसला इसलिए टाल दिया गया क्योंकि इस पर बोर्ड के सदस्यों की राय बंटी हुई थी।

संतोष का नाम इस लिस्ट में पहली बार शामिल किया गया है

संतोष का नाम इस लिस्ट में पहली बार शामिल किया गया है

पिछले हफ्ते, दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन के कार्यालय ने अन्य छह बोर्ड सदस्यों को 4 अक्टूबर को बैठक ले लिए बुलाया था। बता दें कि, दिल्ली के गृह मंत्री की अध्यक्षता वाली समिति में प्रमुख सचिव (गृह), प्रमुख सचिव (विधि), महानिदेशक (जेल), संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध), मुख्य परिवीक्षा अधिकारी और एक जिला सदस्य, सदस्य के तौर पर शामिल होते हैं। जेल अधिकारी ने बताया कि संतोष का नाम पहली बार शामिल किया गया है। 2006 में गिरफ्तारी के समय वह प्रेक्टिस वकील था। उसका जेल में साफ रिकॉर्ड है।

नैना सहानी का हत्या सुशील शर्मा 28 साल से जेल में बंद है

नैना सहानी का हत्या सुशील शर्मा 28 साल से जेल में बंद है

बता दें कि, 1996 में संतोष सिंह आईपीएस अधिकारी जेपी सिंह के बेटा है। घटना के समय जेपी सिंह दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर थे। सिंह को थर्ड ईयर की लॉ स्टूडेंट प्रियदर्शिनी मट्टू के बलात्कार और हत्या के आरोप गिरफ्तार किया गया था। वहीं साल 1999 में दक्षिण दिल्ली के एक रेस्टोरेंट मे मनु शर्मा ने जेसिका लाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बता दें कि सुशील शर्मा को जहां जेल में बंद हुए 28 साल हो चुके हैं। वहीं मनु शर्मा को जेल में बंद हुए 20 साल हो चुके हैं। इसके अलावा जेसिका की बहन सबरीन ने मुन की रिहाई पर किसी भी तरह के ऐतराज नहीं होने का पत्र भी लिखा है।

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