शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता रद्द कराने को उपराष्ट्रपति के पास पहुंचे जदयू नेता
शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता रद्द कराने को उपराष्ट्रपति के पास पहुंचे जदयू नेता
नई दिल्ली। बिहार में जदयू के राजद से अलग होने और भाजपा के सहयोग से नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद पार्टी के भीतर का टकराव अब उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू तक पहुंच गया है। जदयू के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति से मुलाकात कर शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है। शरद यादव जयदू कोटे से राज्यसभा सांसद हैं।

जदयू के राज्यसभा में संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह और पार्टी के महासचिव संजय झा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलााकात की है। इन दोनों नेताओं ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को पार्टी सांसद शरद यादव की संसदीय सदस्यता खत्म करने से संबंधित पत्र सौंपा है।
आपको बता दें कि 2015 में बिहार में जदयू और राजद ने साथ में चुनाव लड़ा था और भारी जीत हासिल की थी। इसके बाद जदयू के नीतीश कुमार सीएम और राजद कोटे से तेजस्वी यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया था। जुलाई में नीतीश कुमार ने लालू यादव की राजद से अलग होकर भाजपा के सहयोग से सरकार बना ली। इसके बाद जदयू के शीर्ष नेता शरद यादव ने नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
शरद यादव ने नीतीश के भाजपा के साथ जाने के फैसले को मामने से इंकार कर दिया था। शरद यादव ने सोमवार को ही एक कहा है कि वे पिछले तीन साल से पार्टी को सही रास्ते पर लाने की कोशिश में लगे थे लेकिन अब कुछ नहीं बचा। उन्होंने कहा कि अब वो पार्टी से आजाद हैं। शरद यादव ने नीतीश के एनडीए में शामिल होने पर कहा थ कि मौजूदा एनडीए अटल और आडवाणी के एनडीए से अलग है और नये एनडीए का कोई राष्ट्रीय एजेंडा नहीं है।
पटना के गांधी मैदान में 27 अगस्त को राष्ट्रीय जनता दल की 'बीजेपी भगाओ, देश बचाओ' रैली में लालू प्रसाद यादव ने साथ विपक्ष दलों के नेताओं को इकट्ठा किया था। मंच पर शरद यादव अगली पंक्ति में थे, जो जदयू से उनकी खुली बगावत का ही संकेत था। अब जदयू ने भी खुलकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उनका राज्यसभा की सदस्यता भी रद्द करने की मांग की है।












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