Jamyang Namgyal: पीएम मोदी ने जिस सांसद के भाषण पर थपथपाई टेबल, क्यों कटा टिकट? ये हैं 3 बड़े कारण
पीएम मोदी और अमित शाह के कट्टर समर्थक माने जाने वाले लद्दाख के नेता व बीजेपी सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल (Jamyang Tsering Namgyal) को भाजपा ने इस बार लोकसभा चुनाव में मौका नहीं दिया है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर वो कौन से वजह सी वजह है, जिसके चलते बीजेपी मोदी- शाह के कट्टर समर्थक का ही टिकट काटना पड़ा। पार्टी के सूत्रों को हवाले से रिपोर्ट में इसको लेकर कुछ बड़ी बातें कही गई हैं।
मार्च के पहले सप्ताह में हुई थी अहम बैठक
भारतीय जनता पार्टी ने इस बार लद्दाख लोकसभा सीट से एलएएचडीसी लेह अध्यक्ष ताशी ग्यालसन को टिकट दिया है। मौजूदा सांसद नामग्याल को लेकर मिले फीडबैक और अगले कैंडिडेट को लेकर बीजेपी ने मार्च के पहले सप्ताह में एक बैठक की थी। ये बैठक लद्दाख संसदीय सीट के लिए बुलाई एक अहम मीटिंग थी, जिसमें पार्टी ने आंतरिक मतदान किया गया, जिसके बाद उम्मीदवारों का चयन करने के लिए गठित तीन सदस्यीय पैनल ने बीजेपी हाईकमान को रिपोर्ट सौंपी थी।

'घटती लोकप्रियता बड़ी वजह'
बीजेपी ने लद्दाख लिए अपना कैंडिडेट तो घोषित कर दिया है, लेकिन जामयांग नामग्याल को टिकट कटने की वजह को लेकर पार्टी ने कोई भी बयान नहीं दिया है। इसकी एक बड़ी वजह ये भी है क्योंकि पार्टी किसी भी तरह की अंतर्कलह से बचना चाहती है। हालांकि पार्टी सूत्रों को हवाले से एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि बीजेपी ने सांसद के क्षेत्र में उनके काम का फीडबैक कई लेवल पर लिया था। जिसके बाद एक अहम बैठक की गई। जिसमें चर्चा के दौरान ये बात सामने आई कि मौजूदा सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल की लोकप्रियता लगातार घटती जा रही है। ऐसे में बीजेपी ने दूसरे जिताऊ कैंडिडेट्स की तलाश शुरू कर दी थी।
जामयांग त्सेरिंग नामग्याल मोदी- शाह के कट्टर समर्थक
जामयांग त्सेरिंग भाजपा के स्टार सांसदों में से एक हैं। धारा 370 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पर चर्चा के दौरान दी गई उनकी स्पीच ने विपक्ष को हैरान कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को उनकी स्पीच ने काफी प्रभावित किया था। उनकी स्पीच सुनकर पीएम मोदी और अमित शाह समेत कई बड़े दिग्गज नेताओं ने पीछ थपथपाई थी।
बीजेपी सूत्रों को मुताबिक जामयांग के टिकट कटने तीन बड़े कारण
1- लद्दाख संसदीय क्षेत्र में जामयांग की घटती लोकप्रियता
2- सक्रियता की कमी
3- जामयांग के पक्ष में फीडबैक का ना होना
कौन हैं ताशी ग्यालसन?
एडवोकेट ताशी ग्यालसन वर्तमान में लद्दाख पहाड़ी स्वायत्त विकास परिषद (एलएएचडीसी) लेह के अध्यक्ष हैं। इस बार संसदीय सीट के वह प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला हुआ है। वे फिलहाल लेह में लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन/सीईसी हैं।
लद्दाख में एनडीए का किससे मुकाबला?
लद्दाख में इस बार भी आईएनडीआईए (Indian National Development Inclusive Alliance) और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) के बीच सीधा मुकाबला है। बीजेपी ने ताशी ग्यालसन तो आईएनडीआईए ने नवांग रिगजिन जोरा को मैदान में उतारा है। नवांग जोरा कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता हैं।












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