जम्मू-कश्मीर: पांच महीने बाद रिहा किए गए पांच पूर्व विधायक
नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने सोमवार को पांच पूर्व विधायकों को रिहा किया है। ये नेता आर्टिकल 370 खत्म करने के केंद्र के फैसले के बाद 4 अगस्त को हिरासत में लिए गए थे। अब करीब पांच महीने बाद इनकी रिहाई हुई है। रिहा हुए नेताओं में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के दो, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के दो और एक पूर्व निर्दलीय विधायक शामिल हैं। जिन नेताओं को सोमवार को रिहा किया गया है, उनके नाम हैं- इश्फाक जब्बार, गुलाम नबी भट, बशीर मीर, जहूर मीर और यासिर रेशी।

केंद्र की सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने का ऐलान किया था। सरकार ने राज्य से आर्टिकल 370 खत्म कर इसे दो केंद्र शासित राज्यों में बांटने का फैसला किया था। फैसले के ऐलान से पहले ही राज्य के (भाजपा के ज्यादातर नेताओं को छोड़कर), खासतौर से घाटी में प्रभाव रखने वाले ज्यादातर पार्टियों के नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था। वहीं सैकड़ों सामाजिक और राजनैतिक कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार नेताओं में तीन पूर्व मुख्यमंत्री, नेशनल कांफ्रेंस के फारूक और उमर अब्दुल्ला, और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं। इसके अलावा दर्जनों पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक नेता कार्यकर्ताओं को अगस्त महीने से हिरासत में रखा गया है। इनकी रिहाई को लेकर अभी सरकार और राज्य प्रशासन ने अभी कुछ नहीं कहा है।
बता दें कि 5 अगस्त के बाद से कश्मीर में संचार के साधनों पर भी भारी पाबंदियां हैं। उस समय तो फोन और इंटनेट पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। हालांकि बाद में लैंडलाइन और कुछ मोबाइल शुरू कर दिए गए हैं। इंटरनेट अभी भी कश्मीर में नहीं चला है। जम्मू में जनजीवन सामान्य हो गया है लेकिन घाटी में अभी भी पूरी जनजीवन पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौटा है।












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