जम्मू कश्मीर का नेशनल हाईवे जवानों के लिए 'मौत का जाल', 2013 से अब तक हुए 11 आतंकी हमले, 58 जवान शहीद
जम्मू कश्मीर का नेशनल हाईवे जवानों के लिए 'मौत का जाल', 2013 से अब तक हुए 11 आतंकी हमले, 58 जवान शहीद
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया और आत्मघाती हमला किया। इस हमले में 45 जवान शहीद हो गए। पुलवामा के अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकियों ने IED से हमला किया । ये हमला जम्मू-कश्मीर का नेशनल हाइईवे पर हुआ और एक बार फिर से ये नेशनल हाईवे हमारी सेना के लिए कब्रगाह बन गया।

इस नेशनल हाईवे पर 2013 से अब तक 11 आंतकी हमलों को अंजाम दिया जा चुका है, जिसमें 58 जवानों ने अपना जान गंवाई। नेशनल हाईवे से गुजरने के दौरान आंतकियों ने 11 बार सुरक्षाकर्मियों को अपना निशाना बनाया है और बड़े आतंकी हमले को अंजाम दिया है। इनमें से ज्यादातर हमले श्रीनगर-दक्षिण कश्मीर हाईवे पर हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू कश्मीर नेशनल हाईवे के इस रूट पर 2013 से अब तक 56 जवानों ने अपनी जान आतंकी हमलों में गंवाई। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक 2013 में अब तक इस रूट पर कई आतंकी हमले हुए और ये हाईवे सेना के लिए डेथ ट्रैप बन गया।
साल 2013 में इसी हाईवे पर आरओपी पर आतंकी हमला में सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हुई थी।
साल 2015 में नेशनल हाईवे पर हुए आतंकी हमले में 2 बीएसएफ और 2 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए थे। ये हमला चेन्नई के पोम्पोर और बिजबहेरा में हुआ।
साल 2016 में जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे पर चार बड़े आतंकी हमले हुए, जिसमें 13 जवान शहीद हो गए। जिसमें सबसे बड़ा हमला पंपोर में हुआ, जहां 8 जवान शहीद हो गए।
साल 2017 में नेशनल हाईवे पर अमरनाथ जा रहे श्रद्धालुओं पर आतंकी हमला हुआ, जिसमें 7 यात्रियों को जान गंवानी पड़ी।
साल 2018 में नेशनल हाईवे पर आतंकियों ने बीएसएफ के काफिले को निशाना बनाया, जिसमें 2 जवान शहीद हो गए।
अब साल 2019 में पुलवामा में आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया, जिसमें 45 जवान शहीद हो गए।












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