JK Cricket Scam : Farooq Abdullah की कोर्ट में पेशी, ईडी ने फाइल की सप्लीमेंट्री चार्जशीट
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला के खिलाफ ईडी ने पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। मामला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के फंड में अनियमितता से जुड़ा है।
श्रीनगगर, 26 जुलाई : जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में कथित घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फारुक अब्दुल्ला के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की है। बता दें कि फारुक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

ईडी ने 4 जून को नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और अन्य के खिलाफ श्रीनगर में पीएमएलए की विशेष कोर्ट के समक्ष पूरक आरोप पत्र दायर किया। कोर्ट ने शिकायत का संज्ञान लिया है। आरोपी व्यक्तियों को 27 अगस्त को कोर्ट में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
पीएमएलए, 2002 के तहत ईडी ने फारुक अब्दुल्ला के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में मंगलवार को बताया कि ईडी ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन फंड घोटाला मामले में फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है।
फारुक अब्दुल्ला के अलावा अन्य लोगों पर भी आरोप
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन फंड घोटाले में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत डॉ फारूक अब्दुल्ला, अहसान अहमद मिर्जा, मीर मंजूर गजानफर और अन्य के खिलाफ एक पूरक अभियोजन शिकायत दायर की है।
21.55 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच
ईडी के आधिकारिक बयान में कहा गया, अनुपूरक अभियोजन शिकायत (Supplementary Prosecution Complaint) 28 फरवरी, 2020, 18 दिसंबर, 2020 और 25 फरवरी, 2022 को तीन अनंतिम कुर्की आदेशों से पहले की गई थी। इसके तहत ईडी ने डॉ फारूक अब्दुल्ला समेत मिर्जा के बेटे मीर मंजूर गजानफर और अहसान अहमद मिर्जा से संबंधित कुल 21.55 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच की गई है।
नकद निकासी और पैसे ट्रांसफर के आरोप
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला जम्मू- कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) के धन को जेकेसीए के पदाधिकारियों सहित असंबंधित पार्टियों के विभिन्न व्यक्तिगत बैंक खातों में ट्रांसफर करने से जुड़ा है। इसके अलावा जेकेसीए बैंक खातों से अस्पष्टीकृत नकद निकासी और पैसे ट्रांसफर के आरोप भी लगे हैं।
चार साल से चल रही है जांच
इस मामले में ईडी जेकेसीए के छह पदाधिकारियों के खिलाफ 11 जुलाई, 2018 से जांच कर रही है। सीबीआई ने 21 सितंबर, 2015 के केस में जेकेसीए के पदाधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। इसी आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग पहलू पर जांच शुरू की। रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 120-बी, 406 और 409 के तहत JKCA को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने और आरोपी व्यक्तियों को 43.69 करोड़ रुपये का गलत तरीके से देने का आरोप लगा है। आरपीसी की उक्त धाराएं भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी, 406 और 409 जैसी हैं।
51.90 करोड़ रुपये की पहचान
ईडी का दावा है कि इस मामले में अब तक अपराध की राशि 51.90 करोड़ रुपये पहचानी जा चुकी है। इसमें से 21.55 करोड़ रुपये की संपत्ति ईडी द्वारा कुर्क की जा चुकी है। ईडी ने 4 सितंबर, 2019 को जेकेसीए के तत्कालीन कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा को गिरफ्तार किया था और उनके खिलाफ 1 नवंबर, 2019 को अभियोजन शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें मुकदमा चल रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है।












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