जम्मू बाढ़: केंद्र सरकार ने हाल की बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए टीम तैनात की
केंद्र सरकार ने जम्मू क्षेत्र में हाल ही में हुई बारिश से हुए नुकसान का मूल्यांकन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी टीम भेजी है। यह निर्णय जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त सचिव कर्नल कीर्ति प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान लिया गया। टीम अगले चार दिनों में जमीनी स्तर पर आकलन करेगी।

विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों से युक्त अंतर-मंत्रालयी टीम बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करेगी ताकि नुकसान की सीमा का पता लगाया जा सके। उनकी खोजों को भारत सरकार के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट में संकलित किया जाएगा। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बात पर प्रकाश डाला कि बैठक के दौरान एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन में निजी संपत्ति, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और जान-माल के नुकसान का उल्लेख किया गया था।
बुनियादी ढांचा और राहत प्रयास
संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने टीम को सड़कों, बिजली आपूर्ति और पानी आपूर्ति योजनाओं सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा बलों, आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ताओं और आपदा प्रतिक्रिया टीमों के समर्थन से जीवन बचाने के जारी प्रयासों पर भी चर्चा की। बैठक में लगातार बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से उत्पन्न चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
कश्मीर में तैयारी
कश्मीर में मौसम की स्थिति को देखते हुए, मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने तैयारियों और प्रतिक्रिया उपायों की समीक्षा के लिए एक बैठक की। उन्होंने घाटी में स्वास्थ्य, बिजली और दूरसंचार जैसी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता और कार्यप्रणाली का आकलन किया। दुल्लू ने खाद्यान्न और ईंधन जैसी आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
निवारक उपाय
मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को आवश्यक होने पर एहतियाती निकासी के लिए कमजोर क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया। उन्होंने समय पर सहायता प्रदान करने के लिए जनता के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया। इन उपायों का उद्देश्य प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बीच जोखिमों को कम करना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
With inputs from PTI












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