जम्मू-कश्मीर: उमर अब्दुल्ला का दावा- द्रास के लोग भी चाहते हैं विशेष राज्य का दर्जा, PAGD एजेंडे का किया 'सपोर्ट'
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य के दर्जे से अगल करने के बाद से ही घाटी में विपक्षी दलों का विरोध जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को कारगिल में गुपकर घोषणापत्र के लिए पीपुल्स अलायंस के प्रतिनिधिमंडल ने कारगिल डेमोक्रेटिक गठबंधन के नेताओं से मुलाकात की। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम सभी इस बात पर एकजुट हुए हैं कि जम्मू-कश्मीर में अगस्त 5, 2019 से पहले की स्थिति को फिर से बहाल किया जाना चाहिए।

उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि लद्दाख में द्रास के लोगों ने गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (PAGD) के एजेंडा का 'समर्थन' किया है। इस दौरान बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आरोप लगाया कि फारुक अब्दुल्ला को नमाज पढ़ने के लिए आवास से बाहर जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को नैशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी समेत जम्मू-कश्मीर की मुख्य धारा के सात दलों के गठबंधन ने केंद्र शासित प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए पीएजीडी का गठन किया। बता दें कि पिछले वर्ष 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केन्द्र शासित प्रदेश बना दिया था।
अपने कार्यक्रम से जुड़े एक ट्वीट में उमर अब्दुल्ला ने बताया कि द्रास के लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया, 'सभी ने एक स्वर में गुपकर घोषणापत्र गठबंधन के एजेंडे को अपना समर्थन दिया है।' उन्होंने आगे लिखा, आगे के रास्ते के बारे में लोगों से परामर्श करने के लिए गुपकर घोषणापत्र गठबंधन कारगिल जा रहा है। बता दें कि गुपकर घोषणापत्र गठबंधन के अध्यक्ष नेकां प्रमुख फारूक अब्दुल्ला हैं जबकि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती इसकी उपाध्यक्ष हैं। इस दौरे को लेकर महबूबा एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने बताया कि आपको (उमर अब्दुल्ला) कारगिल में देखकर अच्छा लगा। लोगों से बातचीत करने और उनसे सम्पर्क करने का यह सबसे सही समय है क्योंकि अपने भविष्य को लेकर उनके मन में भी संदेह में हैं।
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