Jaguar Fighter Jet: जो फाइटर जेट जगुआर क्रैश हुआ, वो डेढ़ मिनट में 30 हजार फीट की ऊंचाई तक जाने में सक्षम
Jaguar Fighter Jet Crash: भारतीय वायुसेना का जगुआर फाइटर जेट 7 मार्च 2025 (शुक्रवार) को हरियाणा के पंचकूला जिले में तकनीकी खराबी के कारण क्रैश हो गया। यह विमान अंबाला एयरबेस से प्रशिक्षण उड़ान पर था। हादसा दोपहर करीब 3.45 बजे पंचकूला के मोरनी क्षेत्र स्थित बालदवाला गांव के पास हुआ।
Jaguar Fighter Jet Pilot: जगुआर फाइटर जेट पायलट सुरक्षित
हादसे के वक्त, पायलट विमान से सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लड़ाकू विमान जगुआर पहले पेड़ों से टकराया। फिर जंगल में एक खाई में गिरा। विमान के गिरने के बाद उसमें आग लग गई। वह कई टुकड़ों में बंट गया। हालांकि, पायलट ने विमान को रिहायशी इलाकों से दूर ले जाकर अपनी जान बचाई। उसके बाद, स्थानीय ग्रामीणों ने पायलट को सहायता प्रदान की और उसे पानी पिलाकर राहत दी।

भारतीय वायुसेना के विशेषज्ञों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। हादसे की जांच शुरू की। इस हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए वायुसेना पूरी तरह से जुटी हुई है। आइए आपको बताते हैं फाइटर जेट जगुआर कितने ताकतवर होते हैं? भारतीय वायुसेना के पास कितने फाइटर जेट हैं?
जगुआर फाइटर जेट: ट्विन-इंजन डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट
जगुआर एक ट्विन-इंजन डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट है, जो भारतीय वायुसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह विमान बहुत कम ऊंचाई पर सटीक हमलों के लिए प्रसिद्ध है। इसकी अधिकतम स्पीड 1700 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है और यह 36,000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है।
जगुआर की महत्वपूर्ण विशेषताएँ
- लंबाई: 55.3 फीट
- विंगस्पैन: 28.6 फीट
- ऊंचाई: 16.1 फीट
- अधिकतम स्पीड: 1700 किमी/घंटा
- वजन: 7700 किलो
- टेकऑफ के लिए 600 मीटर छोटे रनवे की आवश्यकता
जगुआर की विशेषता यह है कि यह विमान छोटे रनवे से भी उड़ान भरने और लैंडिंग करने की क्षमता रखता है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में इसकी अहम भूमिका है। इसके अलावा, यह विमान डेढ़ मिनट में 30,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है।
भारतीय वायुसेना व नौसेना के पास कितने जगुआर फाइटर जेट?
भारत के पास लगभग 120-130 जगुआर फाइटर जेट हैं, जो भारतीय वायुसेना और नौसेना द्वारा संचालित किए जाते हैं। जगुआर विमानों का मुख्य कार्य दुश्मन पर हमला करना, हल्की बमबारी और भारी बम गिराना है। भारतीय वायुसेना इन विमानों का उपयोग विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में करती है, जहां छोटे रनवे और कम ऊंचाई पर हमले की आवश्यकता होती है।
जगुआर की कीमत कितनी है?
HAL (हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड) द्वारा निर्मित जगुआर की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे विमान में इस्तेमाल किए गए उपकरण और तकनीकी उन्नति। एक जगुआर विमान की कीमत लगभग 20-25 मिलियन डॉलर (लगभग 150-190 करोड़ रुपये) के बीच हो सकती है।
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