Jagannath Temple: दशकों बाद खुला जगन्नाथ पुरी का रत्न भंडार, आज किया जाएगा शिफ्ट, चाबियों को लेकर कई सवाल
Jagannath Temple Ratna Bhandar: श्री जगन्नाथ मंदिर के भीतर रखे रत्न भंडार का ताला दशकों के बाद खोल दिया गया है। अंदरूनी चैंबर में रखे इस रत्न भंडार को आज अस्थायी भंडारगृह में शिफ्ट किया जा जाएगा। पुरी में स्थित इस 12वीं शताब्दी के जगन्नाथ मंदिर में रखे रत्न भंडार को सरकार द्वारा तय की गई एसओपी के तहत ही शिफ्ट किया जाएगा।
रत्न भंडार को अस्थायी रत्न भंडार में आज शिफ्ट किया जाएगा,इसको लेकर डीएम सिद्धार्थ शंकर ने कहा कि आज सभी रत्न और जवाहरात को भीतर रत्न भंडार से अस्थायी रत्न भंडार में शिफ्ट किया जाएगा। इस दौरान सरकार ने जो एसओपी तय की है, उसका पालन किया जाएगा।

मूल चाबी लापता होने से खड़ा हुआ विवाद
बता दें कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार को दशकों के बाद खोला गया है। लेकिन इसकी चाबी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल रत्न भंडार के ताले की मूल चाबी के लापता होने की बात सामने आई। रत्न भंडार को डुप्लिकेट चाबी से खोला गया है, जिसको लेकर विवाद हो रहा है।
आखिर क्यों बनाई गई डुप्लिकेृट चाबी
सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मूल चाबी कहां हैं और डुप्लिकेट चाबी को किसने बनवाया और क्यों बनवाया। हालांकि दावा किया जा रहा है कि मूल चाबी लापता नहीं हुई है। लेकिन फिर सवाल यह है कि अगर मूल चाबी थी तो डुप्लिकेट चाबी क्यों बनवाई गई।
जगन्नाथ पुरी मंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने बताया कि रत्न भंडार को ओडिशा सरकार की एसओपी के तहत ही खोला गया है। हर एक चीज की वीडियोग्राफी हुई है, पूरी प्रक्रिया कानूनी है। गौर करने वाली बात है कि आंतरिक कक्ष में तीन ताले लगे थे। एक ताले को लाख से सील किया गया था जबकि बाकी के दो तालों को सील नहीं किया गया।
डुप्लिकेट चाबी से भी नहीं खुला ताला
इन तीनों तालों को खोलने के लिए राजकोष से दो चाबियां आईं लेकिन इससे ताले नहीं खुले, जिसके बाद एसओपी के अनुसार इन तीनों तालों को तोड़ दिया गया। जिसके बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कक्ष के ताले डुप्लिकेट चाबी से क्यों नहीं खुले।
तीन में दो तालों पर लाख की सील क्यों नहीं
बाकी के दो तालों पर लाख की सील क्यों नहीं थी। क्या किसी ने इन तालों को खोलने की कोशिश की थी, क्या जो चाबी राजकोष से लाई गई उसे मूल ताले से बदल दिया गया। ये तमाम ऐसे सवाल हैं जो लोगों के मन में खड़े हो रहे हैं।
बीजेडी सरकार पर सवाल
बता दें कि पूर्व की बीजेडी सरकार के दौरान 2018 में रत्न भंडार की चाबियों के लापत होने की वजह से काफी आलोचना का शिकार होना पड़ा था। बाद में पुरी जिला कोषागार कार्यालय से रहस्यमयी तरीके से डुप्लीकेट चाबी मिली थी। लेकिन इस डुप्लीकेट चाबी से एक भी ताला नहीं खुला।
कानून मंत्री ने क्या कहा?
वहीं इस पूरे मामले पर ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि पिछली सरकार ने इस पूरे मामले में झूठ फैलाया। चाबी को लेकर किसने क्या कहा, क्यों कहा और किसके निर्देश पर कहा, इसकी जांच होगी।
इस पूरे मामले में हर पहलू की जांच होगी। रत्न भंडार की मरम्मत की जाएगी और एक बार फिर से मरम्मत पूरी होने के बाद भगवान जगन्नाथ पुरी के आशीर्वाद से रत्न कों यहां स्थानांतरित किया जाएगा।
पीएम मोदी भी उठा चुके हैं मुद्दा
गौर करने वाली बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रत्न भंडार की डुप्लिकेट चाबी का मसला उठा चुके हैं। उन्होंने चाबी के गायब होने को गंभीर मुद्दा बताया था। उन्होंने कहा कि डुप्लिकेट चाबी का बनना और भी गंभीर मुद्दा है।












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