ITR फाइल करना होगा आसान, टैक्स फाइलिंग संबंधी नियमों में जल्द बड़े बदलाव कर सकती है सरकार
ITR Filing: भारत सरकार इनकम टैक्स फाइलिंग (ITR) की प्रकिेया को बेहद आसान बनाने की तैयारी कर रही है। इनकम टैक्स दाखिल करने की प्रणाली में सुधार लाने के लिए सरकार आयकर अधिनियम, 1961 में महत्वपूर्ण संशोधन करने जा रही है।
इसका उद्देश्य टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया की जटिलताओं को कम करना और अनुपालन को अधिक सरल बनाना है।

बता दें केंद्र सरकार इनकम टैक्स संबंधी विवादों के बढ़ने के कारण खासी चिंतित है। मार्च 2023 तक आयकर विवादों का आंकड़ा 10.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है इसलिए इसमें सुधार की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। इसलिए सरकार इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के नियमों को आसान बनाना चाहती है ताकि टैक्सपेयर्स कानून का पालन आसानी से कर सके और ये आयकर संबंधी विवादों की संख्या कम हो।
हालांकि वित्त मंत्रालय ने अभी इस संबंध में कोई खुलासा नहीं किया है लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सार्वजनिक परामर्श के लिए एक प्रस्ताव जनवरी के मध्य में ही पेश किया जा सकता है, जिसे आगामी फरवरी के बजट में शामिल किए जाने की संभावना है। हालांकि टैक्स रेट्स और पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं होगा।
क्या किए जा सकते हैं बदलाव?
- पेचीदा इनकम कैलुकेशन स्ट्रकचर को फॉर्मूले से रिप्लेस किया जा सकता है।
- एक ही टैक्स ईयर होगा जिसमें एसेसमेंट ईयर और फाइनेंशियल ईयर की वर्तमाम में चल रही प्रैक्टिस को रिप्लेस किया जाएगा।
- टैसपेयर्स के लिए जानकारी टेबल के रूप में उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे उन्हें समझने में आसानी हो।
- इसके अलावा टैक्स रिटर्न के साथ जमा किए जाने वाले एक्सट्रा फॉर्म की संख्या को कम करना है और इसे ऑनलाइन उपलब्ध करवाना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई में संकेत दिया था कि कर कानूनों की व्यापक समीक्षा चल रही है, जिसे पूरा करने के लिए छह महीने का समय दिया गया है। इस समीक्षा से करदाताओं को लाभ पहुंचाने के लिए बनाए गए सरल नियमों की उम्मीद है।












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