चीन को जवाब देने को तैयार आईटीबीपी की महिला शक्ति
नई दिल्ली। चीन की सीमा यानी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल, एलएसी की जिम्मेदारी अब आईटीबीपी की महिला शक्ति को दी जाएगी। आईटीबीपी ने फैसला किया है कि अब भारत और चीन से लगी सीमा की जिम्मेदारी महिला सिपाहियों को दी जाएगी।

आईटीबीपी के साथ ही देश के इतिहास में भी यह पहला मौका होगा जब एलएसी पर महिलाओं का तैनात किया जाएगा।
आईटीबीपी के डायरेक्टर जनरल, डीजी, कृष्ण चौधरी ने इस बाबत एक अहम ऐलान आईटीबीपी के फाउंडेशन डे के मौके पर किया है। उन्होंने कहा है कि यह पहला मौका होगा जब सीमा पर महिलाओं की तैनाती होगी। माना जा रहा है कि अगले वर्ष तक इस दस्ते को तैनात कर दिया जाएगा।
डीजी कृष्ण चौधरी के मुताबिक आईटीबीपी का लक्ष्य है कि महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर समझा जाए। वह भी इस सिक्योरिटी फोर्स में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करें। आईटीबीपी इन जगहों पर महिलाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है।
माना जा रहा है कि जल्द से जल्द इसे काम को अपने अंजाम तक पहु्ंचा दिया जाएगा। एक अन्य बड़े कदम के तहत 60 हजार जवानों वाली आईटीबीपी में पहली बार महिला अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा।












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