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IT कंपनियों में भी कोयला संकट पर खलबली, TCS-Infosys ने शुरू की ये तैयारी

मुंबई, 15 अक्टूबर: भारत पर छाए कोयला संकट की वजह से बिजली की समस्या के डर से आईटी कंपनियां भी सचेत हो गई हैं। देश की दो बड़ी आईटी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इंफोसिस ने अपने कर्मचारियों से कह दिया है कि वह पॉवर बैकअप की तैयारी करके रख लें, ताकि महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर उनके काम में बाधा न आ जाए। दरअसल, भारत में बिजली संकट की आशंका इंटरनेशनल हेडलाइन बन रही हैं और इसके चलते इन कंपनियों की क्लाइंट्स ने भी घबराकर अपने सर्विस प्रोवाइडर को आगाह करना शुरू कर दिया है।

Indias two big IT companies TCS and Infosys have asked their employees to keep power backup ready in view of the power crisis

आईटी कंपनियों में भी कोयला संकट पर खलबली
भारत की आईटी कंपनियों ने कुछ राज्यों में संभावित बिजली संकट को देखते हुए इस समस्या से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। टीसीएस और इंफोसिस ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि वह पॉवर बैकअप की तैयारी कर लें। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक दोनों कंपनियों ने अपने वरिष्ठ कर्मचारियों को ई-मेल भेजकर कहा है कि अगर बिजली जाती है तो इसके लिए वह बिजली बैकअप की तैयारी करके रखें। इन कंपनियों ने अपने वरिष्ठ कर्मचारियों से कहा है कि अगर उनके राज्यों में लोड शेडिंग की समस्या जारी रहती है तो तत्काल आपात स्थिति की सूचना दें।

90% आईटी कर्मचारी घरों से कर रहे हैं काम
दरअसल, देश में कोविड-19 पाबंदियों की शुरुआत यानी मार्च, 2020 से ही करीब 90% आईटी प्रोफेशनल अपने घरों से ही काम कर रहे हैं। ऐसे में जिन राज्यों में बिजली संकट पैदा होगी, वहां मौजूद आईटी कर्मचारियों के काम पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा में पिछले दिनों लोड शेडिंग जैसी समस्याएं पैदा हुई हैं, लेकिन केंद्र सरकार लगातार कह रही है कि बिजली संयंत्रों को कोयले की कमी नहीं होने दी जाएगी और अभी तक ऐसी कोई कमी नहीं होने दी गई है। उधर कोल इंडिया ने गैर-बिजली उत्पादक उपभोक्ताओं को फिलहाल कोयले की सप्लाई रोकी भी है, ताकि बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों का काम प्रभावित ना हो।

कोयले की समस्या दूर हो रही है- केंद्र
इससे पहले केंद्रीय बिजली सचिव आलोक कुमार ने कहा था कि देश में कोयले की कमी के चलते सिर्फ 1% बिजली की ही कमी है। इस बीच बिजली मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पॉवर सिस्टम ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने रिपोर्ट दी है कि कोयले की कमी से बिजली उत्पादन पर जो असर पड़ा था वह 12 अक्टूबर के 11 गीगा वॉट से घटकर 14 अक्टूबर को 5 गीगा वॉट तक पहुंच चुका है। यानी यह संकट अब दूर हो रही है। पीओएसओसीओ भारत में बिजली आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी करता है। इससे पहले केंद्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 13 अक्टूबर को एक ट्वीट में कहा था कि कोल इंडिया लिमिटेड समेत कुल कोयला आपूर्ति 12 अक्टूबर को 20 लाख टन से अधिक दर्ज की गई। उन्होंने यह भी कहा था कि कोयला संयंत्रों को और कोयला भेजा जाएगा, ताकि उनके पास पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित हो सके।

कर्मचारियों को दफ्तर बुलाने की तैयारी में कंपनियां
भारत और विदेशों में काम कर रहे टीसीएस के 5 लाख से ज्यादा कर्मचारियों में 90% से ज्यादा अभी भी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। हालांकि, कोविड वैक्सीनेशन के साथ ज्यादातर आईटी कंपनियां अब अपने कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने की योजना पर काम कर रही हैं।

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