Chandrayaan-3 पर इसरो खर्च कर रहा इतने करोड़, पिछले वाले मिशन से सस्ता या महंगा?
भारत का चंद्रयान-2 मिशन तो करीब-करीब फेल हो गया था, लेकिन हमारे वैज्ञानिकों ने हार नहीं मानी। उन्होंने कुछ ही साल में चंद्रयान-3 को तैयार कर लिया। अगर सब कुछ ठीक रहा तो 13 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे उसे लॉन्च कर दिया जाएगा।
चंद्रयान-3 मिशन में काफी पैसा लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का पूरा खर्च 1000 करोड़ के पार है। इसमें चंद्रयान-3 करीब 615 करोड़ में तैयार हुआ। इसके लैंडर, रोवर और प्रोपल्शन मॉड्यूल पर तकरीबन 250 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस यान की लॉन्चिंग में भी 365 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है।

अगर चंद्रयान-2 से इसकी तुलना करें, तो इसकी लागत थोड़ी सी ज्यादा है। चंद्रयान-2 पर कुल 978 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें इसरो ने यान और अंतरिक्ष मिशन पर 603 करोड़ लगाए, जबकि 375 करोड़ रुपये लॉन्चिंग की लागत पर खर्च हुए। इसमें GSLV Mk III का निर्माण शामिल है।
यान पूरी तरह से तैयार
इसरो के वैज्ञानिकों के मुताबिक चंद्रयान-3 पूरी तरह से तैयार है। इसके सारे टेस्ट किए जा रहे। उनके पूरे हो जाने के बाद 12 जुलाई से 19 जुलाई के बीच लॉन्चिंग की तारीख होगी। वैज्ञानिक पिछले मिशन वाली गलती नहीं करना चाहते, ऐसे में यान की हर चीज को बारीकी से देखा जा रहा।
इसरो चीफ ने क्या कहा?
इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा कि हमने चंद्रयान-2 में बहुत सी गलतियां की थीं, लेकिन इस बार हमने उन गलतियों से सीख ली है। असफलता का मतलब ये नहीं है कि हम कोशिश ही ना करें। हम जरूरी इतिहास रचेंगे।
2.1 किमी पहले टूटा था संपर्क
चंद्रयान-2 का आर्बिटर अभी भी चंद्रमा के पास चक्कर लगाकर डेटा भेज रहा। उस वक्त उसने लैंडर को लॉन्च किया था। वो चांद की सतह पर पहुंचने ही वाला था कि करीब 2.1 किमी पहले उसका ग्राउंड स्टेशन से संपर्क टूट गया।












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