श्रीहरिकोटा से लॉन्च इसरो का PSLV-C38, अब सेनाओं को मिल पाएगी सर्जिकल स्ट्राइक में मदद
श्रीहरिकोटा। इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोट स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से पीएसएलवी-सी38 को लॉन्च कर दिया है। यह पीएसएलवी की 40वीं उड़ान है और इस लॉन्च को सेनाओं के लिए काफी अहम बताया जा रहा है। पीएसएलवी 14 देशों के 29 नैनो सैटेलाइट्स को लेकर रवाना हुआ है। इसरो ने इन सैटेलाइट्स के साथ ही कार्टोसैट-2 सीरीज के सैटेलाइट्स को भी पीएसएलवी-सी38 के साथ रवाना किया है।

955 किलोग्राम वजन के साथ हुआ रवाना
पीएसएलवी-सी38 ऑस्ट्रिया, बल्जियम, चिली, चेक रिपब्लिक, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, लटाविया, लिथुआनिया, स्लोवाकिया, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका के साथ ही भारत के भी सैटेलाइट्स को लेकर रवाना हुआ है। इन सभी सैटेलाइट्स का कुल वजन 955 किलोग्राम है। यह पीएसएलवी की 40वीं फ्लाइट है और 'XL'कनफिग्रेशन के साथ पीएसएलवी की यह 17वीं फ्लाइट है। पीएसएलवी का यह 40वां मिशन तमिलनाडु के छात्रों के लिए काफी अहम है क्योंकि कन्याकुमार जिले के छात्रों की ओर से पूरी तरह से देश में बने सैटेलाइट को भी पीएसएलवी लेकर रवाना हुआ है।
कैसे मिलेगी सर्जिकल स्ट्राइक में मदद
इन सैटेलाइट्स में शामिल कारटोसैट-2 नामक सैटेलाइट की मदद से भारत को मदद मिलेगी कि वह चीन और पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रख सके। इस सैटेलाइट की मदद से दुश्मनों के सैनिक ठिकानों में गाड़ियों तक की संख्या का पता भी लगाया जा सकता है। इस सीरीज के सैटेलाइट्स में पैनक्रोमैटिक और मल्टीस्पेक्ट्रल इमेज सेंसर फिट हैं। इसकी वजह से भारत को हाई रेजॉल्यूशन फोटोग्राफ मिल सकेंगी। इन तस्वीरों से सेनाओं को दुश्मन के अड्डों की सटीक जानकारी मिल पाएगी। साथ ही साथ किसी भी प्राकृतिक आपदा से पहले देश को आगाह किया जा सकेगा।












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