ISRO ने बाहुबली रॉकेट से लॉन्च की सबसे एडवांस्ड कम्युनिकेशन सैटेलाइट, पीएम मोदी ने दी बधाई
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सफलतापूर्वक सबसे एडवांस्ड कम्युनिकेशन सैटेलाइट GSAT-7R लॉच कर दिया है। CMS-03 (GSAT-7R) एक स्वदेशी संचार उपग्रह है जिसे भारत में ही डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह उपग्रह भारत का अब तक का सबसे भारी संचार उपग्रह है, जिसका वजन लगभग 4,400 किलोग्राम है इसलिए इसे बाहुबली नाम दिया गया है।
इस सैटेलाइट को लॉन्च करने के लिए LVM3-M5 रॉकेट का इस्तेमाल किया गया है, जिसे उसकी शानदार भार उठाने की क्षमता के कारण 'बाहुबली' उपनाम दिया गया है।
यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस प्रक्षेपण को "आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान" के रूप में देखा जा रहा है। इसके जरिए नौसेना के जहाजों, विमानों, पनडुब्बियों और समुद्री परिचालन केंद्रों के बीच तेज व सुरक्षित संचार स्थापित करेगा। समुद्री सुरक्षा, निगरानी और नौसेना की नेटवर्क क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ करेगा, जिससे भारत की रक्षा प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी।

2 नवंबर को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) के दूसरे लॉन्च पैड से शाम 5:26 बजे प्रक्षेपित किए गए सैटेलाइट के बारे में इसरो ने जारकारी दी कि 16 से 20 मिनट की उड़ान के बाद बाहुबली रॉकेट 180 किमी की ऊंचाई पर सैटेलाइट से अलग हो गया।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफल प्रक्षेपण पर ISRO को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, "हमारा अंतरिक्ष क्षेत्र हमें निरंतर गौरवान्वित करता है! भारत के सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो को बधाई। हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की बदौलत हमारा अंतरिक्ष क्षेत्र उत्कृष्टता और नवाचार का पर्याय बन गया है, यह सराहनीय है। उनकी सफलताओं ने राष्ट्रीय प्रगति को आगे बढ़ाया है और अनगिनत लोगों को सशक्त बनाया है।"
सीएम योगी ने दी बधाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सफलता के लिए इसरो की पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की, जिसके कारण भारत की अंतरिक्ष यात्रा लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है।












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