खराब मौसम के कारण 40 मिनट देरी से लॉन्च हुआ ISRO का INSAT-3DR
चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 8 सितंबर को एडवांस वेदर सैटेलाइट जीएसएलवी- एफ 05/ इनसैट 3 डीआर का प्रक्षेपण कर दिया गया।
हालांकि INSAT-3DR को आज ही 4 बजकर 10 मिनट पर लॉन्च होना था लेकिन अब यह प्रक्षेपण 4बजकर 50 मिनट पर किया गया।
बताया जा रहा है कि यह देरी मौसम के कारण हुई है।

प्रक्षेपण सतीश धवन स्पेश सेंटर श्रीहरिकाटा से शाम के 4 बजकर 50 मिनट पर किया गया।
आईए आपको बताते हैं इसकी कुछ खास बातें जो स्पेस की दुनिया में भारतीय मायने में नया इतिहास रचेगी।

10 साल तक चलेगी यह सैटेलाइट
प्रक्षेपित होने के बाद यह सैटेलाइट 10 साल तक चलेगी। इसे मौसम की बेहतर जानकारी के लिए प्रयोग में लाया जा सकेगा।

यहां होगा प्रयोग
इसकी मदद से रेस्क्यू और ऑपरेशनल सर्च में मदद मिलेगी। हालांकि यह काम 3 डीआर इनसैट 3 डी के साथ मिल कर करेगा जिसे 2013 में लॉन्च किया गया था। फिलहाल 3 डीआर का प्रयोग कोस्ट गार्ड, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, जहाज और रक्षा सेवाओं के लिए किया जा रहा है।

GSLV की 10वीं उड़ान
जीएसएलवी- एफ05 की यह 10वीं उड़ान होगी जो 2,211 किलो वजनी वेदर सैटेलाइट को अपने साथ लेकर जाएगा।

मौसम संबंधी सेवाएं
यह सैटेलाइट देश को मौसम संबंधी सेवाएं प्रदान करेगा।

सोलर पैनल लग जाएंगे काम में
जीएसएलवी एफ 05, इनसैट 3 डीआर को जियोस्टेशनरी ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंचाएगा जहां सैटेलाइट के सोलर पैनल तुरंत अपने काम में लग जाएंगे।

कर्नाटक से होगा कंट्रोल
सैटेलाइट का कंट्रोल इसरो के मास्टर कट्रोल फैसिलटी हसन, कर्नाटक से होगा।

लगेंगे कुल 17 मिनट
सैटेलाइट के लॉन्च होने के बाद कुल प्रक्रिया में 17 मिनट लगेगा जिसमें इसके जियोस्टेशनरी ऑर्बिट के सर्कुलर में पहुंचने को शामिल किया जाएगा।
सभी तस्वीरें इसरो की वेबसाइट से।












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