दिल्ली हिंसा: क्या ताहिर के जुड़े हैं आतंकियों से तार, जिसके चलते हुई IB के अंकित शर्मा की हत्या ? स्वामी ने पूछा
नई दिल्ली- बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी के एक सवाल से दिल्ली दंगों में कई सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा है कि क्या अंकित की हत्या आरोपी ताहिर हुसैन के किसी आतंकी संगठन से कथित कनेक्शन की वजह से हुई है? हालांकि, अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि स्वामी ने इस मामले में आतंकवादी का कनेक्शन कहां से जोड़ा है? बता दें कि दिल्ली पुलिस ने आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा के मामले में ताहिर हुसैन पर गुरुवार को हत्या का केस दर्ज किया है, जिसके बाद से वह गायब है। बहरहाल, अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने उसे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।

क्या ताहिर हुसैन के जुड़े हैं आतंकियों से तार ?
दिल्ली के चांदबाग इलाके में आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की बेरहमी से हुई हत्या में एक नया ऐंगल जुड़ रहा है। दरअसल, दंगाइयों ने अंकित के साथ जिस तरह की बर्बरता की है, उससे यह आशंका पहले से ही गहराई हुई थी कि आखिर उनके शरीर को 200 बार से भी ज्यादा क्यों धारदार हथियारों से क्यों गोदा गया। दंगाइयों ने उसके शव के साथ भी इतनी नफरत भरी बर्बरता क्यों की? अब भाजपा के बड़े नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने उनकी हत्या और आरोपी ताहिर हुसैन के संदिग्ध रोल को लेकर एक बहुत बड़ा सवाल उठा दिया है। स्वामी ने अपनी ही सरकार से सवाल पूछा है कि क्या अंकित की हत्या इसलिए कर दी गई कि अंकित आरोपी ताहिर के बांग्लादेशी आतंकियों के साथ कथित कनेक्शन को लेकर उसपर नजर रख रहे थे ?
अगर ये सच है तो बहुत ही गंभीर मामला- स्वामी
सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करके सरकार से इस तरह की आशंकाओं पर सफाई मांगी है। ट्वीट में स्वामी ने लिखा है, "सरकार को बताना चाहिए कि क्या आईबी ऑफिसर शर्मा की आम आदमी पार्टी के ताहिर के कहने पर इसलिए निशाना बनाकर हत्या कर दी गई, क्योंकि शर्मा ताहिर के बांग्लादेशी आतंकियों के साथ कनेक्शन को लेकर उसका पीछा कर रहे थे। अगर ये सच है तो यह बहुत-बहुत गंभीर मामला है।" हालांकि, स्वामी के ट्वीट से ये स्पष्ट नहीं है कि ताहिर के बांग्लादेशी आतंकियों के साथ कनेक्शन की आशंका उन्होंने क्यों जाहिर की है। शर्मा की हत्या में केस दर्ज होने से पहले उसके खिलाफ किसी आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं मिली है।

अंकित को बड़ी ही बेरहमी से मारा गया
बता दें कि आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा का शव बहुत ही बुरे हाल में चांदबाग इलाके में नाले से मिला था। गुरुवार को उनके पिता रविंद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में तारिक हुसैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर के मुताबिक मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे शर्मा काम से लौटने के बाद लापता हो गए। उनके भाई ने आरोप लगाया कि नेहरू नगर के निगम पार्षद ताहिर हुसैन के लोगों ने अंकित और उसके दो साथियों को पकड़ लिया और घसीटते हुए ले गए। हुसैन पर आईपीसी की धाराओं 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाने) के साथ-साथ कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
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आरोपी कर चुका है आरोपों का खंडन
हालांकि, हुसैन ने आईबी कर्मचारी की हत्या से जुड़े सारे आरोपों का खंडन किया है और दावा किया है कि उसे फंसाया जा रहा है। वह सोशल मीडिया और टीवी चैनलों से बातचीत के जरिए दावा करता रहा है कि वह मौके पर मौजूद नहीं था और वह तो खुद अपनी और अपने परिवार की जान बचाने की कोशिश कर रहा था। उसके मुताबिक अंकित की हत्या से उसका कोई लेनादेना नहीं है। हालांकि, हत्या का मामला दर्ज होते ही शुरू में उसके बचाव में दिखने वाली आम आदमी पार्टी ने उसे प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।












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