क्या कोरोना म्यूटेंट की वजह से निगेटिव रिपोर्ट दे रहा है RT-PCR टेस्ट , जानें डॉक्टर ने क्या कहा?
क्या कोरोना म्यूटेंट की वजह से निगेटिव रिपोर्ट दे रहा है RT-PCR टेस्ट , जानें डॉक्टर ने क्या कहा?
नई दिल्ली, 24 अप्रैल: भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच आरटी-पीसीआर (RT-PCR) टेस्ट की मांग बढ़ रही हैं। लेकिन RT-PCR टेस्ट में कई बार गलत रिपोर्ट आ रहे हैं। कोविड-19 की गलत और निगेटिव रिपोर्ट ने लोगों की परेशानी और चिंताएं बढ़ा दी हैं। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना वायरस के नए म्यूटेंट स्ट्रेन की वजह से RT-PCR रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। RT-PCR टेस्ट रिपोर्ट कई बार गलत आए हैं, जब लोग असल में कोविड से संक्रमित हैं और उनमें वायरस के लक्षण भी हैं। क्या आरटी-पीसीआर टेस्ट म्यूटेंट की वजह से निगेटिव रिपोर्ट दे रहा है? इस तरह की आशंकाओं को खारिज करते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स के डायरेक्टर डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा है यह संभव है कि एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति आरटी-पीसीआर टेस्ट में निगेटिव पाया जाए लेकिन इसकी वजह कोविड का नया स्ट्रेन या डबल म्यूटेंट नहीं है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉ. अनुराग अग्रवाल का एक वीडियो ट्वीट किया है। जिसमें डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा है, डबल म्यूटेंट को पीसीआर पॉजिटिव के जरिए सिक्वेंस्ड किया गया था। इसलिए ये बिल्कुल भी संभव नहीं है कि कोरोना का म्यूटेंट आरटी-पीसीआर टेस्ट से बच जाए। हम इसको सिक्वेंस्ड नहीं कर पाते।'' डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया है कि विश्व भर के सभी संभावित सिक्वेंसेज को हम नियमित तौर पर चेक कर रहे हैं। इसलिए ऐसा कोई स्ट्रेन नहीं है जो डबल जीन टेस्टिंग से बच सकता है।
#Unite2FightCorona
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) April 23, 2021
RT- PCR tests giving false negative reports due to mutants?
Listen to Dr Anurag Agrawal, Director, @FollowDbtNibmg, Professor @iiscbangalore speak on this issue.https://t.co/IA7EhNMe8w@PMOIndia @drharshvardhan @AshwiniKChoubey @PIB_India @mygovindia
डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा, ''कोरोना के लक्षण दिखने शुरू होने से एक दिन पहले किसी के मुंह और नाक में वायरस का लोड सबसे ज्यादा रहता है। फिर वायरस का भार धीरे-धीरे कम हो जाता है। यदि लोग 7 से 8 दिनों के बाद कोविड टेस्ट कराते हैं तो निगेटिव रिपोर्ट आने की संभावना है...क्योंकि उस दौरान वायरस शरीर के अंदर चला जाता है।''
डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा, कोरोना के लक्षण मौजूद होने के बावजूद आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट निगेटिन आना, कोई नई बात नहीं है। ये शुरू से ही ऐसा था। ये किसी भी नए तनाव का कारण नहीं है। अगर टेस्ट कराने में देरी करेंगे तो रिपोर्ट गलत आ सकते हैं।
वहीं न्यूज ऐजेंसी एएनआई से बात करते हुए दिल्ली स्थित हेल्वेतिया मेडिकल सेंटर के कंसल्टेंट फिजीशियन डॉ. चंद्रा ने कहा था कि ऐसा प्रतीत होता है कि आरटी-पीसीआर टेस्ट कोरोना के नए म्यूटेंट का पता नहीं लगा पा रही है। मेरा मानना है कि कोरोना के डबल और ट्रिपल म्यूटेंट किस्में हैं, जो अपना स्वरूप बदल रहा है, इन्ही वजहों से आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट गलत आ रही है।












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