प्रकाश सिंह की इस अपील से पंजाब पर गहरा सकते हैं आतंक के बादल
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल आग से खेल रहे हैं। पंजाब सरकार की सिख आतंकियों को छोड़ने के लिए की गई अपील से केंद्र सरकार नाखुश है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसी तरह का पत्र गृहमंत्रालय को भी भेजा है। गृहमंत्रालय ने इस पर अपनी चिंता जाहिर की है।

पत्र लिखा
प्रकाश सिंह बादल ने उत्तरप्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और गुजरात के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ दिल्ली के उपराज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक को पत्र लिखकर उनकी जेलों में बंद 13 सजायाफ्ता सिख आतंकवादियों को समय से पहले रिहा करने की मांग की।
उम्र कैदी छोड़े जाएं
बता दें इनमें से छह कैदी आतंकी हमलों के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। ऐसे समय में जब आइएसआइ की मदद से सिख आतंकवाद पंजाब में फिर से पैर पसारने की कोशिश में है, बादल की नई मुहिम सुरक्षा एजेंसियों के गले नहीं उतर रही है।
जब सुरक्षा एजेंसियां बेअंत सिंह के हत्यारे जगतार सिंह तारा को थाइलैंड में गिरफ्तार करने में सफल रही हैं, वहीं दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुखों को पत्र लिखकर सजा काट रहे आतंकियों की पूर्व रिहाई की मांग की है।
भूख हड़ताल का मामला
बादल ने खूंखार आतंकी गुरबक्श सिंह खालसा की भूख हड़ताल का मुद्दा भी उठाया। गुरबक्श सिंह खालसा 14 नवंबर से अंबाला के लखनौर साहिब गुरूद्वारे में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसके पहले गुरबक्श सिंह खालसा 14 नवंबर से 27 दिसंबर 2013 तक भूख हड़ताल पर बैठे थे। एजेंसियों का मानना है कि गुरबक्श सिंह के पीछे शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कंपनी (एसजीपीसी) का हाथ है। जानकारों का कहना है कि बादल पंजाब के आंतकियों की रिहाई की मांग करके बेहद गंभीर हालात खड़े कर रहे हैं।












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