अगर सच यह है तो मैगी के जाने पर आपको होगा अफसोस?
बेंगलुरु। चाइनीज़ फूड को पसंद करने वाले लोग इस वक्त हैरान परेशान हैं, क्योंकि उनकी पसंदीदा मैगी, जो दो मिनट में तैयार हो जाती थी, आज मार्केट से गायब होती दिख रही है। 1980 में पहली बार भारत में दस्तक देने वाली मैगी के लिये अब इसी देश में जीना मुहाल हो गया है। सिर्फ इसलिये क्योंकि उसमें एमएसजी पाया गया, इसलिये बैन लग गया। हम आपको जो बताने जा रहे हैं, अगर वही सच है, तो मैगी के जाने के बाद आपको बहुत अफसोस होगा।
मैगी क्यों है असुरक्षित?
उत्तर प्रदेश फूड सेफ्टी ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों ने हाल ही में मैगी के कुछ सैम्पल लिये और जांच की। जांच एजेंसी ने इस बात की पुष्टि कर दी कि इसमें एमएसजी और सीसा यानी लेड है। इस वजह से ये नूडल्स स्वास्थ्य के लिये हानिकारक हैं।
इस जांच के आदेश फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने दिये थे। रिपोर्ट के अनुसार मैगी में मानक से अधिक एमएसजी और लेड है।
क्या होता है एमएसजी? कैसे डालता है प्रभाव?
एमएसजी यानी मोनोसोडियम ग्लूटमेट। यह एक प्रकार का एमीनो एसिड है, जो सब्जियों, मशरूम, चीज़ व अन्य खाद्य पदार्थों में होता है। एमएसजी का इस्तेमाल स्वाद को बढ़ाने के लिये किया जाता है। खास कर चाईनीज़ खानों में, प्रोसेसिंग के बाद बाजार में मिलने वाली सब्जियों में और रेडी टू कुक मसालों में इसे डाला जाता है, ताकि टेस्ट लाजवाब बन सके।
अमेरिकी सरकार ने एमएसजी को स्वास्थ्य के लिये सुरक्षित बताया हुआ है, लेकिन अन्य देशों में इसे हानिकारक तत्व माना जाता है।
एमएसजी से जुड़े लक्षण जो मीडिया ने बताये-
- हाथ, पैर कमजोर पड़ने लगते हैं
- एलर्जी और हाईपर सेंस्टिविटी होती है
- पेट में दर्द होता है
- सिर दर्द, कमजोरी आने लगती है
- शरीर सुन्न पड़ने लगता है
- शरीर के कई हिस्सों में जलन होती है
- कमजोरी आती है और बेचैनी होती है
लेकिन खास बात यह है कि दुनिया के कई देशों में जब रिसर्च की गई, तो पाया गया कि ऊपरयुक्त लक्षणों का एमएसजी से कोई लेना-देना नहीं था। हो सकता है कुछ लोगों को ऐसा हुआ हो। खुद सोचिये क्या मैगी खाने के बाद आपको बेचैनी हुई? या मैगी खाने के बाद कभी आपके हाथ-पैरों में कमजोरी आयी?
नोट- यह रिपोर्ट स्कूलपेज में छपे लेख का अनुवाद है।













Click it and Unblock the Notifications