Coronavirus: कहीं भारत भी कोरोना के थर्ड स्‍टेज में तो नहीं पहुंच रहा? जानें क्या होती है कोरोना की ये खतरनाक स्‍टेज

Is India also reaching the third stage of Corona? know what is the third state of Corona Virus,क्या भारत भी कोरोनावायरस संक्रमण के तीसरे चरण में पहुंचने वाला है, क्या होती है कोरोना की तीन स्‍टेज, तीसरी स्‍टेज क्यों होती है खतरनाक

बेंगलुरु। दुनिया के कई देश कोरोना वायरस के कहर से कराह रही है वहीं भारत में कोरोना वायरस दूसरे स्‍टेज में पहुंच गया है। केंद्र और राज्य सरकारें इस महामारी से निपटने के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई कर रही हैं। कोरोना से भारत में अब तक 283 लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 4 लोगों की जान भी जा चुकी है। इस सप्ताह मामलों में तेजी देखते हुए लोग दहशत में हैं और खुद पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए जनता कफ्यू का पालन करते हुए लोगों को घरों में रहने की सलाह दी हैं।

 दूसरी स्‍टेज में पहुंच चुका है भारत

दूसरी स्‍टेज में पहुंच चुका है भारत

बता दें भारत में वर्तमान में कोरोना वायरस की दूसरे स्टेज में है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के मुताबिक, स्टेज-2 का अर्थ है कि अभी वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन (लोगों के बीच आपस में नहीं फैला है) नहीं हुआ है। जब कोरोना वायरस थर्ड स्‍टेज में पहुंच जाता है वो सबसे खतरनाक स्थिति होती है।

एक गलती लाखों भारतीयों के लिए बन सकती है आफत

एक गलती लाखों भारतीयों के लिए बन सकती है आफत

जब कोरोना वायरस कम्युनिटी ट्रांसमिशन में फैल जाता हैं वो कोराना वायरस की थर्ड स्‍टेज कहलाती हैं। भगवान न करें कि भारत में कोरोना वायरस का स्‍तर पर पहुंचे लेकिन लंदन से लखनऊ लौटी मशहूर सिंगर कोनिका कपूर ने जो गैर जिम्मदारीपूर्ण हरकत की वैसे ही लोग करते रहे तो भारत को थर्ड स्‍टेज में जाने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। एक नागरिक की गलती लाखों भारतीयों की जिंदगी के लिए खतरा बन जाएगी। हालांकि भारत कोशिश कर रहा है कि वह कोरोना वायरस के स्टेज-3 में नहीं पहुंचे लेकिन उसके लिए हर नागरिक को अहम भूमिका निभानी होगी।

कोरोना की पहली और दूसरी स्‍टेज

कोरोना की पहली और दूसरी स्‍टेज

बता दें कोरोना के पहले इस चरण कोरोना वायरस से वहीं लोग संक्रमित हुए जो दूसरे देश से संक्रमित होकर भारत आए। ऐसे लोगों से भारत में स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैल चुका है। भारत यह स्‍टेज पार कर चुका है। वहीं दूसरा चरण सिसमें भारत वर्तमान समय में हैं इसमें वो लोग प्रभावित होते हैं, जो किसी ना किसी ऐसे संक्रमित शख़्स के संपर्क में आए जो विदेश यात्रा से लौटे थे।

कोरोना थर्ड स्‍टेज क्यों है खतरनाक

कोरोना थर्ड स्‍टेज क्यों है खतरनाक

गौरतलब है कि तीसरा चरण कोरोना का सबसे ख़तरनाक स्तर है। इसमें कोरोना वायरस का 'कम्युनिटी ट्रांसमिशन' होता है। भारत सरकार इस चरण को लेकर न केवल चिंतित है, बल्‍कि संजीदा व सचेत भी है। जब कोई व्यक्ति किसी ज्ञात संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए बिना या वायरस से संक्रमित देश की यात्रा किए बिना ही इसका शिकार हो जाता है, तब माना जाएगा कि कोरोना वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो चुका है। वहीं चौथा चरण वो होता हैं जब कोरोना वायरस का संक्रमण महामारी का रूप ले लेता है।

चीन और इटली में हुआ था कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन

चीन और इटली में हुआ था कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन

बता दें चीन और इटली जैसे देश में कोरोना वायरस का कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन हुआ था। वहां दूसरे स्टेज में कोरोना के करीब 300 मरीज थे, लेकिन तीसरा स्टेज आते ही मरीजों की संख्या हजारों में हो गई। इटली के लोगों की शुरुआती दस दिनों की गलती ने ही उन्‍हें उस खतरनाक थर्ड स्‍टेज में पहुंचाया हैं वहां कोरोना से मरने वालों की संख्‍या चाइना से भी अधिक हो चुकी हैं। भारत की अपेक्षा चााइना, खासकर इटली में मेडिकल इन्‍फ्रा स्‍टकचर बहुत ही मजबूत हैं इसके बावजूद वहां इस महामारी के कारण संक्रमण इतना भयावह रुप धारण कर बेकाबू हो चुका हैं

क्या भारत हैं थर्ड स्‍टेज के लिए तैयार

क्या भारत हैं थर्ड स्‍टेज के लिए तैयार

ईश्‍वर न करे कि चाइना और इटली की तरह यहां हालात हैं क्योंकि कोरोना के तीसरे स्‍टेज के लिए न भारत तैयार है और न ही भारतीय। मतलब न तो हम अब भी उतने जागरूक हो पाए हैं और न ही हमारे स्‍वास्‍थ्‍य विभाग का सिस्‍टम उतना उम्‍दा है। तीसरे चरण में संक्रमितों की संख्या काफी बढ़ जाएगी क्‍योंकि भारत में अभी जितने लैब हैं उनमें सभी लोगों के टेस्ट पूरे नहीं हो पा रहे उनमें समय लग रहा।

भारत में वर्तमान में है ये सुविधाएं

भारत में वर्तमान में है ये सुविधाएं

भारत सरकार के अनुसार देश में 70 से ज़्यादा टेस्टिंग यूनिट हैं। आईसीएमआर के मुताबिक़ इस हफ़्ते के अंत तक क़रीब 50 और सरकारी लैब कोविड-19 की जांच के लिए उपलब्‍ध हो जाएंगे दूसरी ओर, कोविड-19 की जांच के लिए भारत ने डब्लूएचओ से क़रीब दस लाख किट और माँगी हैं। आईसीएमआर का यह भी दावा है कि 23 मार्च तक भारत में दो ऐसे लैब तैयार हो जाएंगे, जहां 1400 टेस्ट रोजाना हो सकेंगे. इससे तीन घंटे में कोविड-19 की जांच की जा सकेगी।

फैशन या आत्‍मविश्‍वास के लिए न कराने जाए टेस्‍ट

फैशन या आत्‍मविश्‍वास के लिए न कराने जाए टेस्‍ट

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालयदेश के अनुसार कोरोना के मरीजों की संख्या शनिवार को 283 पर पहुंच गई है। मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि कोरोना की जांच के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में 111 लैब आज से शुरू कर दी गई हैं। मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि इन लैब में कोरोना के टेस्ट आज से होंगे। वहीं प्राइवेट सेक्टर की लैब को भी इससे जोड़ने को लेकर बात चल रही है। उन्होंने ये भी कहा कि फैशन या आत्मविश्वास के लिए टेस्ट कराने लोग ना जाएं। कोरोना की जांच नियमों के मुताबिक होगी।

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    1600 लोगों को कोरंटाइन सेंटर में रखा गया है

    1600 लोगों को कोरंटाइन सेंटर में रखा गया है

    लव अग्रवाल ने बताया है कि देश में भारतीय और अन्य देश के 1600 लोगों को कोरंटाइन सेंटर रखा गया है। वहीं आज भी 262 लोग इटली से वापस आएंगे और इन्हें कोरंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। इनमें से अधिकतर छात्र हैं। उन्होंने बताया कि करीब 1600 भारतीयों और दूसरे देशों के नागरिकों को मिलाकर करीब 1700 लोगों को हम अपने क्वारंटाइन सेंटर में सेवाएं दे चुके हैं।

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