राहुल को सता रहा है अमेठी में हार का डर

अमेठी के सिय़ासी मैदान में तीन धुंरधड़ आमने-सामने है। राहुल गांधी का ये पुराना गढ़ है तो वहीं आप नेता कुनार विश्वास और भाजपा की उम्मीदवार स्मृति ईरानी उनके उखाड़ फेंकने का दम रखती है। ऐसे में जिस तरह से अमेठी का माहौल बना हुआ है उससे अब राहुल को भी हार का डर सताने लगा है।
अमेठी के स्थानीय कांग्रेसी नेता भी मान रहे है कि विपक्ष के हमले डरा भले न रहे हों, लेकिन चिंता जरूर पैदा कर रहे हैं। इन नेताओं को पूरा भरोसा है कि राहुल गांधी लगातार तीसरी बार अमेठी से जीतने में कामयाब रहेंगे, लेकिन उन्हें यह डर जरूर है कि गांधी परिवार के युवराज की जीत का मार्जिन इस बार कुछ घट सकता है।
शायद इसी डर का नतीजा है कि पिछले 10 सालों तक अमेठी को भुला चुकी सोनिया गांधी को भी यहां का रुख करना पड़ा। पिछले हफ्ते अमेठी जाकर दस साल में उन्होंने अपनी पहली रैली को संबोधित किया। बहन प्रियंका बी मौके की नजाकत को पहनान रही है, तभी तो उन्होंने भाई के लिए प्रचार की कमान संभाल ही है।
राहुल के सामने विश्वास और इल्मी की टोली है। 2012 के विधानसभा चुनावों में अमेठी में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है और उसके बाद आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास, भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने चुनावी जंग और मुश्किल बना दी है।
देश भर में सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही कांग्रेस को अब यह चिंता सता रही है कि बोलने में उस्ताद माने जाने वाले दोनों विरोधी युवराज की चमक कुछ कम न कर दें।
हमला बोलने में सबसे आगे कुमार विश्वास हैं, जो पिछले तीन महीने से अमेठी में रह रहे हैं। उन्होंने यहां एक मकान किराए पर ले लिया है और खुद को सबसे आगे बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब 16 मई को वोट गिने जाएंगे, तो नया इतिहास बनेगा।












Click it and Unblock the Notifications